बसंत पंचमी स्नान: संगम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, प्रशासन अलर्ट

बसंत पंचमी स्नान: संगम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, प्रशासन अलर्ट
प्रयागराज: महाकुंभ 2025 के तीसरे अमृत स्नान पर्व के तहत बसंत पंचमी स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। रविवार सुबह 12 बजे तक 88.83 लाख श्रद्धालु गंगा और संगम में पवित्र डुबकी लगा चुके थे, जबकि 13 जनवरी से अब तक कुल 33.61 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया है।
रविवार सुबह, एडीजी भानु भास्कर ने मेला प्राधिकरण भवन स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे मेला क्षेत्र, चौराहों और प्रवेश स्थलों की निगरानी की और घाटों से भीड़ को व्यवस्थित रूप से हटाने के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से निर्देश दिए।
गत मौनी अमावस्या स्नान पर हुई भगदड़ की घटना के बाद, शनिवार को प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन को बसंत पंचमी स्नान के दौरान शून्य त्रुटि के साथ व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
3 फरवरी को होने वाले बसंत पंचमी स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। मौनी अमावस्या की भगदड़ से सबक लेते हुए, प्रशासन ने इस बार पांटून पुलों को पूरी तरह खोल दिया है ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारू बना रहे। पुलिस और सुरक्षा बल घाटों पर भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस लगातार सायरन बजाकर लोगों को स्नान के बाद घाटों से हटाने में लगी है। मौनी अमावस्या पर हुई दुर्घटना का एक बड़ा कारण श्रद्धालुओं का घाट किनारे रुकना और सोना था। इसे देखते हुए प्रशासन ने होल्डिंग एरिया में रुकने पर रोक लगा दी है और महाकुंभ क्षेत्र में चार पहिया वाहनों के प्रवेश को भी प्रतिबंधित कर दिया है।
31 जनवरी को मौनी अमावस्या स्नान से पहले मची भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को और कड़ा कर दिया है ताकि बसंत पंचमी स्नान के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।
बसंत पंचमी का तीसरा अमृत स्नान सोमवार, 3 फरवरी को तड़के 5 बजे से शुरू होगा। सबसे पहले सुबह 4 बजे पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी स्नान करेगा। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि श्रद्धालुओं को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े और स्नान पर्व सुरक्षित व व्यवस्थित रूप से संपन्न हो।





