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फैक्ट चेक: केरल में हुए नुक्कड़ नाटक के पुराने वीडियो को हालिया दिनों में भ्रामक दावे के साथ किया गया वायरल, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: केरल में हुए नुक्कड़ नाटक के पुराने वीडियो को हालिया दिनों में भ्रामक दावे के साथ किया गया वायरल, जानें पूरा सच

 

सोशल मीडिया एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो में देखा जा सकता है कि कथित तौर पर बाइक सवार दो युवक एक महिला को दिन दहाड़े जबरन उसकी कार से बाहर निकाल कर महिला की हत्या कर देते हैं।

इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि केरला में आरएसएस समर्थक महिला को बाइक सवार युवकों ने कार से बाहर घसीट कर बीच बाजार में गोली मार दी। सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि युवक समुदाय विशेष से थे ।

फेसबुक पर वायरल वीडियो शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “केरला में आरएसएस समर्थक महिला को कार से खींच कर बीच बाजार मुस्लिमों ने गोली मार दी,उसके बाद हिन्दुओं को चेतावनी दी – यदि कोई आरएसएस और बीजेपी को समर्थन देगा तो उसका यही हाल किया जायेगा।

फेसबुक के वायरल पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो असली घटना का नहीं बल्कि एक नुक्कड़ नाटक का है।

वायरल वीडियो का सच जानने के लिए वीडियो के कीफ्रेम्स को कुछ कीवर्ड की सहायता से खोजने पर Dyfi Kalikavu MC नामक फेसबुक पेज से 8 सितम्बर 2017 को शेयर किया गया एक वीडियो प्राप्त हुआ। यह वही वीडियो है जो अभी वायरल है। वीडियो के कैप्शन को हिंदी में ट्रांसलेट करने पर पता चला कि यह एक ड्रामा वीडियो है, जिसे पत्रकार गौरी लंकेश की ह्त्या किए जाने के बाद नाट्य रूपांतरण किया गया है।

इतनी जानकारी मिलने के बाद कुछ कीवर्ड की सहायता से गूगल सर्च करने पर हमें NewsClickIN नामक यूट्यूब चैनल द्वारा करीब 5 साल पहले अपलोड किया गया वीडियो मिला। यह वही वीडियो है जो अभी वायरल हो रहा। इस वीडियो को उस समय भी गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा था। इस वीडियो में यह बताया गया है कि कर्नाटक की पत्रकार गौरी लंकेश की ह्त्या किए जाने के बाद आरएसएस के खिलाफ लोगों ने एक नाट्य रूपांतरण किया था।

हमारी पड़ताल में यह पता चला कि वायरल हो रहा वीडियो एक नाट्य रूपांतरण का है। इसका वास्तविक घटना से सम्बन्ध नहीं है। इस वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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