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फैक्ट चेक: इलेक्शन कमिशन द्वारा EVM मशीन को लेकर राजनीतिक पार्टियों को नहीं दिया गया यह चैलेंज, पुराना वीडियो हुआ वायरल

फैक्ट चेक: इलेक्शन कमिशन द्वारा EVM मशीन को लेकर राजनीतिक पार्टियों को नहीं दिया गया यह चैलेंज, पुराना वीडियो हुआ वायरल

 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो आजतक न्यूज़ चैनल के ब्रेकिंग खबर का है। इस वीडियो में डॉ. नसीम जैदी नाम के एक व्यक्ति को देश की राजनीतिक पार्टियों को ईवीएम हैकिंग चैलेंज के बारे में जानकारी देते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में वह कहते हैं कि आगामी 3 जून से सभी राजनीतिक पार्टियों को मौका दिया जाएगा कि वह ये साबित करें कि हाल ही के पांच राज्यों के चुनावों में इस्तेमाल हुई मशीनों से टेंपर की गई थीं। साथ ही, वह यह भी बताते हैं कि पार्टियों को यह भी साबित करना होगा कि क्या चुनाव आयोग की कस्टडी में रखी मशीनों को हैक किया जा सकता है।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि इलेक्शन कमीशन ने EVM को “हेक” करने कि “चुनौती” दे दी है। चमचै, दरबारी, ***, नल्ले और चरणचुंबक पत्रकारो इस बार “मौका” हाथ से जाने मत देना। EVM को “हेक” करके दिखाओ, बाद में *** रोना नही

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2017 का है।

 सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखने पर हमें इसके पुराने होने की आशंका हुई। जिसके बाद हमने पड़ताल की।  इस दौरान हमने सबसे पहले गौर किया कि वायरल वीडियो में डॉ.नसीम ज़ैदी नामक व्यक्ति को मुख्य चुनाव आयुक्त बताया गया है, जो वीडियो में पूरी जानकारी देते हुए नज़र आरहे हैं। इसलिए अब हमने गूगल पर मुख्य चुनाव आयुक्त के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए खोजना शुरू किया।

वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें इलेक्शन कमिशन की वेबसाइट पर मिली जानकारी के मुताबिक साल 2022 में मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए थे। उनका नाम राजीव कुमार हैं।

इसके बाद हमने वायरल वीडियो की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए वायरल वीडियो को एक कीफ्रेम और संबंधित कीवर्ड्स के माध्यम से गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के हमें वायरल वीडियो India Tv के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे मई 20, 2017 को अपलोड किया गया था।

उपरोक्त प्राप्त वीडियो से यह साफ़ हो गया कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2017 के दौरान का है। गौरतलब है कि साल 2017 के दौरान उत्तर प्रदेश, पंजाब, मणिपुर और गोवा में चुनाव हुए थे जिसके के नतीजे आने के बाद आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी समेत कुछ अन्य दलों ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। इसी के बाद चुनाव आयोग ने ईवीएम मशीन को फुलप्रूफ बताते हुए उसे हैक करने की खुली चुनौती दी थी।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2017 के दौरान का है जब देश के मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी हुआ करते थे।

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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