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फरार घोषित हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या और उनकी बेटी पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य, जानें क्या पूरा मामला

फरार घोषित हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या और उनकी बेटी पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य, जानें क्या पूरा मामला

 

राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और उनकी बेटी पूर्व भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य को एमपीएमएलए कोर्ट ने फरार घोषित कर दिया है। दरअसल, आरोप है कि बिना तलाक लिए धोखाधड़ी करके विवाह करने के मामले में दायर केस में लगातार पेशी पर नहीं आ रहे थे। जिसके बाद कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है।

बताया जा रहा है कि आरोप है कि तीन बार समन, दो बार जमानती वारंट, एक बार गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी लखनऊ की एमपी और एमएलए कोर्ट ने सुनवाई के दौरान हाजिर नहीं हो रहे थे। जिसके बाद कोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य और बेटी को भगोड़ा घोषित किया है। संघमित्रा, स्वामी प्रसाद मौर्य समेत पांच पर एमपी-एमएल कोर्ट ने दीपक कुमार स्वर्णकार द्वारा दायर मामले में धारा 82 जारी करने का आदेश जारी किया है।

गौरतलब है कि एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम आलोक वर्मा ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त को तय की है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी कोर्ट में हाजिर होने से बच रहे हैं। लिहाजा उनके खिलाफ धारा-82 की कार्यवाही की जाती है।

बता दें की आरोप है कि दीपक कुमार और संघमित्रा वर्ष 2016 से लिव-इन रिलेशन में रह रहे थे। संघमित्रा और उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य ने परिवादी को बताया की संघमित्रा की पूर्व शादी से तलाक हो गया है। लिहाजा परिवादी ने 3 जनवरी 2019 को संघमित्रा से उनके घर पर शादी कर लिया।

संघमित्रा ने 2019 के चुनाव में शपथपत्र देकर खुद को अविवाहित बताया जबकि बाद में वादी को पता चला की संघमित्रा का मई 2021 में तलाक हुआ था। आगे कहा गया कि जब वादी ने वर्ष 2021 में विधि विधान से विवाह करने के लिए कहा तो आरोपी स्वामी प्रसाद मौर्य ने वादी के ऊपर कई बार विभिन्न स्थानों पर अन्य आरोपियों से जानलेवा हमला कराया।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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