ताज़ा खबरें

पेरिस ओलंपिक: खाप पंचायत ने विनेश फोगाट को भारत रत्न देने की उठाई मांग, रजत पदक पर फैसले से पहले रखी यह शर्त

पेरिस ओलंपिक: खाप पंचायत ने विनेश फोगाट को भारत रत्न देने की उठाई मांग, रजत पदक पर फैसले से पहले रखी यह शर्त

पिछले दिनों पेरिस ओलंपिक के फाइनल में 100 ग्राम अधिक वजन के चलते विनेश फोगाट को अयोग्य करार दिए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। इसके बाद भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल दिए जाने की मांग उठी है, जिसपर अभी तक फैसला नहीं आया है। इस बीच हरियाणा की खाप पंचायत ने न्याय और भारत रत्न देने की मांग की।

पेरिस ओलंपिक के फाइनल में 100 ग्राम वजन अधिक होने के चलते डिस्क्वालीफाई हुईं विनेश फोगाट को अब हरियाणा की खाप पंचायतों का भी समर्थन मिल गया है। खाप पंचायतों ने हरियाणा के चरखी दादरी में ‘सर्व खाप महापंचायत’ की। इन खाप पंचायतों ने विनेश फोगाट से कुश्ती से सन्यास वापस लेने की भी अपील की है।

सांगवान खाप के प्रमुख सोमबीर सांगवान ने कहा कि पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के मौजूदा जज से करवाई जानी चाहिए और विनेश फोगाट को न्याय मिलना ही चाहिए. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर उनका वजन अचानक कैसे बढ़ गया? उनके साथ कई लोग थे और यह उनकी जिम्मेदारी थी कि उनका वजन ना बढ़े.

इसी दौरान उन्होंने खाप की मांगों को पढ़ते हुए सांगवान ने कहा कि विनेश की उपलब्धियों को देखते हुए भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए. विनेश ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली महिला खिलाड़ी को मिलने वाली सभी सुविधाओं की हकदार हैं और उन्हें मिलनी चाहिए.

गौरतलब है कि पेरिस ओलंपिक के फाइनल में अयोग्य घोषित हुए जाने के बाद विनेश ने कुश्ती को अलविदा कह दिया है। बबीता ने कहा है कि वह विनेश से बात कर उन्हें 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने के लिए मानने की कोशिश करेंगी। बबीता ने कहा, “मैं और मेरा परिवार, पूरा देश इससे काफी दुख है। हम विनेश के साथ खड़े हैं और मैं उसे मनाने की कोशिश करूंगी कि वो 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले।”

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button