दिल्ली से बांग्लादेश तक मोबाइल तस्करी, पुलिस ने गिरोह का किया भंडाफोड़

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने चोरों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए गुरुवार को एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया और इसके आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरोह के सदस्य चोरी और छीना-झपटी करके मोबाइल फोन चुराते थे और फिर उन्हें पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजते थे।
पुलिस के मुताबिक, यह गैंग एक चैन की तरह काम करता था। छोटे चोर खासकर डीटीसी बसों में यात्रियों से फोन छीनते थे। चोरी किए गए फोन दलालों (मिडिलमैन) तक पहुंचाए जाते थे। फिर ये फोन पश्चिम बंगाल ले जाए जाते और वहां से बांग्लादेश भेजे जाते थे।
पुलिस ने अब तक करीब 294 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये है। इनमें से 45 फोन पर एफआईआर दर्ज थी और 30 फोन गुमशुदगी की रिपोर्ट से जुड़े थे।
यह मामला 27 जुलाई से शुरू हुआ, जब पुलिस ने दीनेश (52), रिज़वान (38), रवि (30) और अजय (41) नाम के चार लोगों को 38 फोन के साथ पकड़ा। इसके बाद राहुल (30) को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास पांच फोन थे, जिनमें एक iPhone भी शामिल था। पूछताछ में राहुल ने पुलिस को संगम विहार के रहने वाले मोजाहिर का नाम बताया, जो फोन को कोलकाता भेजता था।
कोलकाता में पुलिस ने मोहम्मद खालिद (50) को पकड़ा। उसके पास से 30 चोरी के फोन मिले और उसके कॉल रिकॉर्ड से बांग्लादेशी नंबरों से संपर्क की जानकारी मिली। जांच में पता चला कि मोजाहिर और उसका साथी शिवम (22) हर महीने 3–4 बार फोन लेकर कोलकाता जाते थे। खालिद ने माना कि वह अब तक करीब 1000 चोरी के फोन बांग्लादेश भेज चुका है।
पुलिस ने बताया कि तस्कर (Smugglers) फोन को भारत से बाहर भेजना इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि CEIR (Central Equipment Identity Register) सिस्टम चोरी हुए फोन का IMEI नंबर ब्लॉक कर देता है। ऐसे फोन भारत में दोबारा इस्तेमाल नहीं हो पाते। लेकिन विदेश में इन्हें बेचकर तस्कर अच्छा मुनाफा कमा लेते हैं।
अब तक पुलिस ने सीधे 194 फोन जब्त किए हैं और 100 फोन सीईआईआर पोर्टल के जरिए ट्रेस किए हैं। पुलिस ने कहा कि जांच अभी जारी है और बांग्लादेश से जुड़े गिरोह के और सदस्यों की पहचान की जा रही है।





