दिल्ली: बदला गया नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय का नाम, आज से कहलाएगा प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय सोसायटी

दिल्ली: बदला गया नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय का नाम, आज से कहलाएगा प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय सोसायटी
दिल्ली स्थित नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय का नाम बदला गया है। मोदी सरकार ने बीते 16 जून को ही इस म्यूजियम का नाम बदलने का ऐलान किया था। 15 अगस्त से इसे नए नाम से जाना जाएगा। इसका नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय सोसाईटी कर दिया गया है।
दिल्ली: 14 अगस्त को नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय (NMML) का आधिकारिक तौर पर नाम बदलकर प्रधान मंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (PMML) सोसायटी किया गया।
तस्वीरें PMML के बाहर से हैं। pic.twitter.com/w7nUIGyRDk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 16, 2023
नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का नाम बदले जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर जमकर हमला किया था। इस मौके पर कांग्रेस के कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि आज से एक प्रतिष्ठित संस्थान को नया नाम मिला। विश्व प्रसिद्ध नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय (एनएमएमएल), पीएमएमएल-प्रधानमंत्री स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय बन गया है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के पास भय, जटिलताओं और असुरक्षाओं का एक बड़ा बंडल है, खासकर जब बात हमारे पहले और सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री की आती है। उनका एकमात्र एजेंडा नेहरू और नेहरूवादी विरासत को नकारना, विकृत करना, बदनाम करना और नष्ट करना है। उन्होंने N को मिटाकर उसकी जगह P डाल दिया है…. लगातार हमले के बावजूद, जवाहरलाल नेहरू की विरासत दुनिया के सामने जीवित रहेगी और वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
गौरतलब है कि 1929-30 के दौर में बना तीन मूर्ति हाउस पहले भारत में कमांडर इन चीफ का आधिकारिक निवास था। वहीं देश की आजादी के बाद यह तत्कालीन पीएम जवाहरलाल नेहरू का आधिकारिक निवास बना। 1964 में अपने निधन तक नेहरू करीब 16 साल तक यहीं रहे थे। इसके बाद की सरकार ने नेहरू को समर्पित करते हुए इस भवन में एक संग्रहालय और एक पुस्तकालय के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इसी के बाद नेहरू स्मारक संग्रहालय का उद्घाटन हुआ और NMML सोसायटी की स्थापना हुई।





