दिल्ली कोचिंग सेंटर हादसों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को दिया नोटिस
दिल्ली कोचिंग सेंटर हादसों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को दिया नोटिस
दिल्ली में राजेंद्र नगर में हुए कोचिंग सेंटर हादसे के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों को नोटिस जारी किया है। दरअसल, दिल्ली में राजेंद्र नगर स्थित राव कोचिंग के बेसमेंट में IAS की तैयारी करने वाले तीन छात्रों की मौत होने पर कोर्ट ने यह नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि, “कोचिंग सेंटर देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं.” कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी रूल्स के पालन से जुड़े हाईकोर्ट के एक आदेश के खिलाफ कोचिंग सेंटर फेडरेशन सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली के कोचिंग सेंटर डेथ चैंबर बन गए हैं। दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक कोचिंग संस्थान की बिल्डिंग में जून 2023 में आग लग गई थी। इससे बचने की कोशिश में कई छात्र घायल हुए थे। इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने फायर सेफ्टी रूल्स के पालन का आदेश दिया था। इस साल मई में आए इस आदेश में हाई कोर्ट ने कहा था कि जो कोचिंग संस्थान अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे उन्हें बंद कर दिया जाए. हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि जिन इमारतों में कोचिंग चल रहे हैं, उन्हें एजुकेशनल बिल्डिंग मान कर उसी के मुताबिक अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करवाया जाए।
जजों ने हाल ही में हुए राजिंदर नगर कोचिंग हादसे का उल्लेख किया। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “हमने देखा है कि किस तरह अपना भविष्य बनाने के लिए मेहनत कर रहे छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ी.” बेंच की फटकार के बाद भी वकील ने अपनी याचिका में लिखी कुछ बातों को रखने की कोशिश की। इस पर बेंच ने कोचिंग फेडरेशन पर 1 लाख रुपए का हर्जाना लगा दिया। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, “कोचिंग सेंटर डेथ चेंबर बन गए हैं। अगर सुरक्षा मानक पूरे न कर सकें तो उन्हें ऑनलाइन चलाना बेहतर होगा।” मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी।
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर के कोचिंग संस्थानों के बाहर छात्रों का प्रदर्शन सोमवार को 10वें दिन भी जारी है। छात्रों ने कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भर जाने से यूपीएससी के तीन उम्मीदवारों की दुखद मौत के लिए सरकार और राव के आईएएस स्टडी सर्किल से मुआवजे की मांग की।





