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दर्शन हीरानंदानी का कबूलनामा: “महुआ ने दी मुझे लॉगिन डिटेल”, महुआ मोइत्रा ने आरोपों का किया खंडन

नई दिल्ली: TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के बीच टकराव ने उस समय एक नया मोड़ ले लिया, जब एक कथित व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी ने खुद एक शपथपत्र में कबूल किया साथ ही महुआ पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने अपने संसद अकाउंट के लॉग-इन और पासवर्ड शेयर किए थे.

 

अपने 3 पेज के हस्ताक्षरित हलफनामे में दर्शन हीरानंदानी ने कहा है कि वह दुबई में रहते हैं और उन्हें 14 अक्टूबर को वकील जय अनंत देहाद्राई द्वारा सीबीआई और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को लिखे गए पत्र मिले, जिनमें उनका नाम प्रमुखता से आया था. उनका कहना है कि वह घटनाओं पर ध्यानपूर्वक नजर रख रहे हैं.

 

दर्शन हीरानंदानी ने अपने हलफनामे में दावा किया, “उन्हें पता था कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन अडानी समूह के संयुक्त उद्यम धामरा एलएनजी के साथ एक समझौता कर रहा है… उन्होंने कुछ सवालों का मसौदा तैयार किया, जिन्हें वह संसद में उठा सकती थीं, जिनमें सरकार को शर्मिंदा करने और अडानी समूह को निशाना बनाने वाले तत्व होंगे. उन्होंने सांसद के रूप में अपनी ईमेल आईडी मेरे साथ साझा की, ताकि मैं उन्हें जानकारी भेज सकूं और वह सवाल उठा सकें. मैं उनके प्रस्ताव के साथ गया,”

 

दर्शन हीरानंदानी का यह भी दावा है कि उन्होंने खुद अडानी समूह पर सवाल उठाने के लिए टीएमसी सांसदों के लॉगिन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल किया था.

 

एक शपथपत्र में दर्शन हीरानंदानी ने कहा कि संसद में पूछे जाने वाले सवाल उन्होंने (दर्शन हीरानंदानी ने) ही संसद की वेबसाइट में महुआ के अकाउंट पर अपलोड किए थे. हीरानंदानी के शपथपत्र के मुताबिक, “मैंने अदाणी ग्रुप को टारगेट करने के लिए सवाल भेजे थे… और अपुष्ट जानकारियों के आधार पर मैं महुआ के संसद अकाउंट पर सवाल पोस्ट करता रहा…”

 

इतना ही नहीं हीरानंदानी समूह के CEO दर्शन हीरानंदानी ने दावा किया कि इस काम में महुआ मोइत्रा की मदद सुचेता दलाल, शार्दूल श्रॉफ और पल्लवी श्रॉफ कर रहे थे. इनके अलावा, महुआ की मदद कांग्रेस नेता शशि थरूर और पिनाकी मिश्रा ने भी की. दर्शन हीरानंदानी के मुतबिक, महुआ ने इस काम में विदेशी पत्रकारों से भी सहायता ली, जो FT, NYT और BBC से जुड़े थे, लेकिन इनके साथ-साथ कई भारतीय मीडिया हाउसों से भी महुआ मोइत्रा संपर्क में थीं.

 

हालांकि तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने दो पन्नों के बयान में व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के हलफनामे का जवाब देते हुए उनपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है.

 

टीएमसी सांसद ने कथित तौर पर हीरानंदानी द्वारा संसद की आचार समिति को सौंपे गए हलफनामे की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि यह “न तो आधिकारिक लेटरहेड पर है और न ही नोटरीकृत है” और पत्र की सामग्री “एक मजाक” है.

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