जया बच्चन के बयान पर विवाद: वीएचपी ने की गिरफ्तारी की मांग

समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सांसद जया बच्चन के एक बयान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। उन्होंने महाकुंभ में पानी की शुद्धता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि भगदड़ में मारे गए लोगों के शव नदी में फेंक दिए गए, जिससे पानी दूषित हो गया। इस बयान के बाद, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत कई धार्मिक संगठनों ने नाराजगी जताई है और बच्चन की गिरफ्तारी की मांग की है।
वीएचपी के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा,”महाकुंभ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। जया बच्चन का यह बयान झूठ और सनसनी फैलाने वाला है। उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”
सांसद जया बच्चन ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, “इस समय सबसे ज्यादा दूषित पानी कहां है? कुंभ में… क्योंकि भगदड़ में जान गंवाने वालों के शव नदी में फेंक दिए गए हैं। इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं कर रहा है।”
इसके साथ ही, उन्होंने महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन झूठे आंकड़े पेश कर रहा है और सरकार को संसद में असली स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
भाजपा नेताओं और कई धार्मिक संगठनों ने जया बच्चन के इस बयान को हिंदू आस्था का अपमान बताया है। भाजपा प्रवक्ताओं ने इसे गुमराह करने वाला बयान बताया और मांग की है कि बच्चन अपने बयान पर माफी मांगें।
पिछले सप्ताह महाकुंभ के दौरान भगदड़ में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी। यह हादसा मौनी अमावस्या के दिन अमृत स्नान के दौरान हुआ, जब लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान के लिए पहुंचे थे। इस घटना ने प्रयागराज में कुंभ मेले की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलेगा, और इस दौरान प्रशासन की तैयारियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।





