जम्मू कश्मीर: सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की अनुच्छेद 370 हटाने की पुनर्विचार याचिका, जानें क्या है पूरा मामला
जम्मू कश्मीर: सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की अनुच्छेद 370 हटाने की पुनर्विचार याचिका, जानें क्या है पूरा मामला
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है। जिसमें जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले की समीक्षा की मांग की गयी थी। बता दें कि अनुच्छेद 370 ने जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान किया था।
प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने समीक्षा याचिकाओं पर विचार किया और उन्हें खुली अदालत में सूचीबद्ध करने के अनुरोध को खारिज कर दिया। पीठ में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना भी थे।
इसने एक मई के अपने आदेश में कहा कि समीक्षा याचिकाओं पर गौर करने के बाद वह इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि उच्चतम न्यायालय नियमावली 2013 के नियम 1 आदेश 47 के तहत समीक्षा के लिए कोई आधार नहीं है, इसलिए समीक्षा याचिकाएं खारिज की जाती हैं.”
बता दें कि संविधान में जम्मू कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था। अपने फैसले में शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा था और संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले को वैध माना था।
इससे पहले केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर से संबंधित संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ 23 याचिकाएं दायर की गईं थीं। जिन पर सुप्रीम कोर्ट में 16 दिन सुनवाई चली और सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर 2023 को सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
केंद्र सरकार की तरफ से गृहमंत्री अमित शाह ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम विधेयक को राज्यसभा में पेश किया था। इसमें जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया। राज्यसभा में उसी दिन इसे पारित कर दिया गया। 6 अगस्त 2019 को इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया गया और उसी दिन वहां से भी यह पारित हो गया। 9 अगस्त 2019 को इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई, जिसके बाद जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हट गया था।





