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गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर पहुंचा शेख हसीना का विमान, दिल्ली से लंदन जाने की है तैयारी

गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर पहुंचा शेख हसीना का विमान, दिल्ली से लंदन जाने की है तैयारी

बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर शेख हसीना का विमान लैंड कर चुका है। संभावना है कि वो यहां से लंदन रवाना होंगी।

इसके साथ ही जानकारी मिली है कि बांग्लादेशी सी-130 विमान के भारतीय वायुसीमा में प्रवेश करने के तुरंत बाद भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान हवा में उड़ गए और कुछ समय तक उस पर नज़र रखी। भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार थी।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि मैं बंगाल के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करती हूं। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। यह दो देशों के बीच का मामला है। केंद्र सरकार जो भी फैसला लेगी, हम उसका समर्थन करेंगे।

वहीं BSF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “मौजूदा स्थिति को लेकर BSF लगातार बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के संपर्क में है। फिलहाल, सीमा पर स्थिति सामान्य है। बांग्लादेश में कर्फ्यू के कारण बांग्लादेश सीमा पर भारत के साथ एकीकृत चेक पोस्ट (ICPs) पर यातायात की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है।”

भारत सरकार ने उनकी सुरक्षा का पूरा इंतजाम करते हुए बांग्लादेश उच्चायोग की सुरक्षा बढा दी है। गौरतलब है कि हिंडन एयरबेस भारत के सबसे सुरक्षित और बड़े एयरबेस के तौर पर अपनी पहचान रखता है। भारत के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि हसीना को यहां से सीधे दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग लाया जाएगा।

बता दें कि बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी प्रदर्शन और हिंसक झड़पों के बीच सोमवार को तख्तापलट हो गया। प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया और राजधानी ढाका छोड़ दिया है। राष्ट्र के नाम एक टेलीविजन संबोधन में, सेना प्रमुख वकर-उज़-ज़मान ने कहा कि सेना अंतरिम सरकार बनाएगी। कई रिपोर्टों के अनुसार, हसीना अपनी बहन शेख रेहाना के साथ देश छोड़कर चली गई हैं। एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की सड़कों पर रविवार को भीषण झड़पें हुईं, जिसमें मरने वालों की संख्या कम से कम 300 हो गई। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।

बांग्लादेश में भड़की हिंसा के बीच आज बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना सोमवार को दोपहर करीब 2:30 बजे एक सैन्य हेलीकॉप्टर से बंगाभवन से अपनी छोटी बहन शेख रेहाना के साथ “सुरक्षित स्थान” के लिए रवाना हुईं. बता दें कि बांग्लादेश के सेना प्रमुख दोपहर 3 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे. बांग्लादेश के सेना प्रमुख वाकर-उज़-ज़मान देश को पहली बार संबोधित करेंगे. गौरतलब है कि बांग्लादेश में भड़की हिंसा में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना राजधानी ढाका छोड़कर जा चुकी हैं. ढाका में हिंसक झड़पों के बीच उन्हें सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है. एजेंसी एएफपी को दिए एक बयान में शेख हसीना के करीबी सूत्र ने बताया, ‘शेख हसीना अपनी बहन के साथ गणभवन (प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास) से सुरक्षित जगह के लिए निकल गई हैं. उन्होंने बताया, ‘वो देश के नाम एक भाषण रिकॉर्ड करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल पाया.’

 

बीते कुछ दिनों में शेख हसीना सरकार और प्रदर्शनकारियों की इस टकरार में अब तक 98 लोगों की जान चली गई है और सैकड़ों अन्‍य घायल हुए हैं. हैरानी की बात तो यह है कि मारे गए लोगों में ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थानों, पुलिस चौकियों, सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यालयों और उनके नेताओं के आवासों पर हमला किया तथा कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के मुद्दे पर हुए बवाल को लेकर सरकार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी रविवार को ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ के बैनर तले आयोजित ‘असहयोग कार्यक्रम’ में भाग लेने पहुंचे. अवामी लीग, छात्र लीग और जुबो लीग के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया तथा फिर दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई.

 

बता दें कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए गृह मंत्रालय ने रविवार शाम छह बजे से देश में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया. साथ ही सरकारी एजेंसियों ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’, ‘मैसेंजर’, ‘व्हॉट्सऐप’ और ‘इंस्टाग्राम’ को बंद करने का आदेश दिया है.

 

इसलिए बांग्लादेश में हुई हिंसा-

दरअसल, बांग्लादेश सरकार ने सविल सेवा में अब आरक्षण प्रणाली को लागू करने का नया कानून बनाया है. जिसके चलते सिविल सेवा के आधे से अधिक पद अब आरक्षित हो चुके हैं. इसमें पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के मुक्ति संग्राम के फ्रीडम फाइटर के बच्चे भी शामिल हैं. ऐसे में बांग्लादेश के छात्र अब आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की मांग है कि देश में कोटा प्रणाली को समाप्त करना चाहिए. छात्रों का कहना है कि इस तरह के नियमों से सरकार समर्थक समूहों के बच्चों को लाभ मिलता है.

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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