असम में बाढ़ से त्राहिमाम, 100 से अधिक जानवर और 78 लोगों की हुई मौत
असम में बाढ़ से त्राहिमाम, 100 से अधिक जानवर और 78 लोगों की हुई मौत
देश में हो रही मानसून की बारिश से कई राज्यों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। उत्तर पूर्वी राज्य असम इन दिनों बाढ़ की गंभीर समस्या से झूझ रहा है। लगातार बारिश की वजह से ज्यादातर नदियों का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। असम में अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 100 अधिक जानवर भी अपनी जान गंवा चुके हैं।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान DFO अरुण विग्नेश ने बताया, “फिलहाल काजीरंगा में बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है। अधिकांश क्षेत्रों में अब पानी स्थिर हो गया है… हमने 97 जानवरों को बचाया है… साथ ही हमने 130 जानवरों को खो दिया है… हम स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं…”
#WATCH गोलाघाट, असम: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान DFO अरुण विग्नेश ने बताया, “फिलहाल काजीरंगा में बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है। अधिकांश क्षेत्रों में अब पानी स्थिर हो गया है… हमने 97 जानवरों को बचाया है… साथ ही हमने 130 जानवरों को खो दिया है… हम स्थिति पर बारीकी से नज़र… https://t.co/QkUynZbmEM pic.twitter.com/QHKhCrgwRu
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 8, 2024
असम में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर हैं। करीब 23 लाख लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। राज्य भर में ब्रह्मपुत्र समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में बाढ़, भूस्खलन और तूफान के कारण अबतक 78 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, पिछले 24 घंटे में 8 और लोगों की मौत हो गई।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित जिलों में सभी राहत शिविरों को अच्छी तरह से बनाकर रखा गया है और स्थिति सामान्य होने तक पर्याप्त आवश्यक वस्तुओं का भंडार बनाया गया है।
सीएम ने कहा, ‘बाढ़ राहत शिविरों की सुरक्षा और स्वच्छता सरकार की प्राथमिकता है और मेरी टीम रियल टाइम मॉनिटरिंग के जरिए वहां रहने वाले सभी लोगों तक पहुंच रही है.’ राज्य के 28 जिलों के 3,446 गांवों में लगभग 23 लाख लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जबकि बाढ़ की दूसरी लहर से 68,432.75 हेक्टेयर फसल भूमि जलमग्न हो गई है.





