असम: बाढ़ ने मचाया हाहाकार, गंभीर स्थित में लोग, अब तक 58 की हो चुकी है मौत
असम: बाढ़ ने मचाया हाहाकार, गंभीर स्थिति में लोग, अब तक 58 की हो चुकी है मौत
असम में पिछले एक महीने से मानसून की मूसलाधार बारिश हो रही है। ऐसे में राज्य में बाढ़ जैसी स्थिति बन गयी जिससे लोग त्रस्त हो चुके हैं। राज्य में बाढ़ का आलम यह है कि सैकड़ों लोग बेघर हैं, सड़कें बंद हो गई हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं और पशुधन को भी बड़ी मात्रा में नुकसान हुआ। जैसे-तैसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बाढ़ के पानी ने 58 लोगों की जान ले ली।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने बताया कि पिछले महीने असम में गंभीर बाढ़ की स्थिति ने भर में करोड़ों के इंन्फ्रास्ट्रक्चर को बर्बाद कर दिया है। असम में बहने वाली ब्रह्मपुत्र सहित 10 नदियां अपने उफान पर हैं, वे या तो अपने खतरे के निशान पर बह रहीं हैं या फिर खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। ब्रह्मपुत्र नदी का जल स्तर नेमाटीघाट, तेजपुर, धुबरी और गोलपारा में खतरे के निशान से ऊपर है। एएसडीएमए की बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को पूरे जिले की बाढ़ की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ था लेकिन 29 जिलों के 2.39 मिलियन लोगों से अधिक अभी भी बाढ़ की दूसरी लहर से प्रभावित हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि, “भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। मैंने असम के सीएम हिमंत बिस्वा से मौजूदा स्थिति के बारे में बात की। NDRF और SDRF युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं, राहत प्रदान कर रहे हैं और पीड़ितों को बचा रहे हैं.”
वहीं बिहार के कुछ जिलों में लगातार बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं. पानी का बहाव बढ़ने से कई बांधों में पानी का स्तर भी बढ़ गया है। इसके अलावा नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भी कई जगहों पर नदियां खतरे के स्तर को छू रही हैं। उधर उत्तराखंड में भी भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। सरकार की ओर से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। बात अगर हिमाचल की करेंगे तो यहाँ भी कई इलाकों में भारी बारिश हुई है जिसमें कांगड़ा का धर्मशाला और पालमपुर शामिल है जहां 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई.





