अभी कुछ दिन और तिहाड़ में बंद रहेंगे सीएम केजरीवाल, हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर लगाई रोक
अभी कुछ दिन और तिहाड़ में बंद रहेंगे सीएम केजरीवाल, हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर लगाई रोक
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीएम केजरीवाल को जमानत देने के राउज एवन्यू कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका पर फैसला सुनाए जाने तक सीएम केजरीवाल की जमानत पर रोक लगा दी है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की ईडी की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि वह ईडी की याचिका पर दो से तीन दिन में आदेश सुनाएगा।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने केजरीवाल को जमानत देने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका पर फैसला सुनाए जाने तक रोक लगा दी है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की ईडी की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि वह… https://t.co/RQhJKjpaWG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 21, 2024
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत पर रोक लगाए जाने पर ASG एसवी राजू ने कहा, “आज अरविंद केजरीवाल की जमानत पर रोक लगा दी गई है और अंतिम आदेश 2-4 दिन में आएगा तथा जमानत याचिका रद्द करने पर सुनवाई बाद में होगी और इस संबंध में नोटिस जारी कर दिया गया है…
गौरतलब है कि इससे पहले, आबकारी घोटाला से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने के निचली अदालत के निर्णय को ईडी ने हाई कोर्ट की अवकाश पीठ के समक्ष चुनौती दी।दरअसल, 20 जून को शाम 8 बजे राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी थी। जस्टिस न्याय बिंदु की बेंच ने कहा था कि ED के पास अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोई सीधे सबूत नहीं हैं। कोर्ट ने केजरीवाल को 1 लाख के बेल बॉन्ड पर जमानत दे दी थी।
निचली अदालत के फैसले के विरोध में ED ने 21 जून को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई। जस्टिस सुधीर जैन और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच में ED के वकील एसवी राजू ने कहा कि लोअर कोर्ट का फैसला सही नहीं है। हमें दलीलें रखने का पूरा समय नहीं मिला। बेंच ने 5 घंटे की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। ED की ओर से ASG एसवी राजू, केजरीवाल की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी और विक्रम चौधरी ने करीब 5 घंटे दलीलें रखीं।





