ताज़ा खबरें

भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की बिगड़ी तबीयत, सात दिन बाद फिर से अस्पताल में हुए भर्ती

भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की बिगड़ी तबीयत, सात दिन बाद फिर से अस्पताल में हुए भर्ती

 

भाजपा के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी को एक फिर तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीती रात 9 बजे दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। अपोलो अस्पताल की ओर से दी गयी जानकारी के मुताबिक फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। बता दें कि पिछले दिनों भी आडवाणी को एक सर्जरी के चलते दिल्ली के एम्स अस्पताल में एडमिट करवाया गया था।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अपोलो अस्पताल ने बयान जारी करके कहा है कि वरिष्ठ बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी को रात 9 बजे डॉ. विनीत सूरी की निगरानी में अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे निगरानी में हैं और उनकी हालत स्थिर है।

बीते सप्ताह 26 जून को भी पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को दिल्ली के AIIMS अस्पताल में भर्ती किया गया था। इस दौरान उन्हें यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टर अमलेश सेठ की निगरानी में रखा गया था। अस्पताल ने बताया था कि आडवाणी का एक छोटा ऑपरेशन हुआ है। अगले दिन उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था।

डॉक्टर ने उन्हें फॉलोअप में आने के लिए सलाह दी थी। बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई। 96 वर्षीय आडवाणी को बुधवार देर रात दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया। उन्हें एम्स के जिरियाट्रिक डिपार्टमेंट के डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया था।

आडवाणी को इसी साल देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। आडवाणी तबीयत के मद्देनजर राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके थे, इसलिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें 30 मार्च को उनके आवास पर जाकर भारत रत्न से सम्मानित किया. औपचारिक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और लालकृष्ण आडवाणी के परिवार के सदस्य शामिल हुए। बता दें कि वह 2014 के बाद से ही सक्रिय राजनीति से दूर हैं।

 

Show More

Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button