बदलापुर मामला: दो नाबालिग बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वतः लिया संज्ञान

बदलापुर मामला: दो नाबालिग बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वतः लिया संज्ञान
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बदलापुर में एक स्कूल में नाबालिग बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले की सुनवाई आज न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ द्वारा की जाएगी। इस घटना को लेकर क्षेत्र के लोगों का गुस्सा फूटा है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लोग धरने पर बैठे हुए हैं। बता दें कि बदलापुर में एक स्कूल में सफाईकर्मी पर दो बच्चियों का यौन शोषण करने के आरोप लगे हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बदलापुर में एक स्कूल में नाबालिग बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले की सुनवाई आज न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ द्वारा की जाएगी। pic.twitter.com/Y7DH5n4Ynt
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 22, 2024
दरअसल, बदलापुर पूर्व के एक नामी स्कूल में दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पीड़ितों में से एक चार साल की है और दूसरी छह साल की है। घटना 12 और 13 अगस्त को घटी थी। आरोपी अक्षय शिंदे को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह 1 अगस्त, 2024 को टॉयलेट साफ करने के लिए अनुबंध के आधार पर स्कूल में भर्ती किया गया था। स्कूल ने लड़कियों के शौचालयों की सफाई के लिए कोई महिला कर्मचारी नियुक्त नहीं की थी। इसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने 12 और 13 अगस्त की कक्षाओं के दौरान बच्चों के साथ बदसलूकी की।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की तेजी से जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के लिए स्कूल प्रबंधन ने प्रिंसिपल, एक क्लास टीचर और एक महिला अटेंडेंट को निलंबित कर दिया है। राज्य सरकार ने लापरवाही के लिए एक वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सहित तीन पुलिस अधिकारियों को भी निलंबित करने का आदेश दिया है। दरअसल, विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि लड़कियों के माता-पिता को बदलापुर पुलिस स्टेशन में 11 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।





