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फैक्ट चेक: साल 2019 के दौरान झारखण्ड पुलिस द्वारा आंदोलनरत महिलाओं पर भांजी गयी लाठियों के वीडियो को हालिया दिनों का बताकर किया गया वायरल

फैक्ट चेक: साल 2019 के दौरान झारखण्ड पुलिस द्वारा आंदोलनरत महिलाओं पर भांजी गयी लाठियों के वीडियो को हालिया दिनों का बताकर किया गया वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में एक पुलिसकर्मी को आंदोलनरत महिलाओं पर बेहरमी से लाठियां भांजते हुए देखा जा सकता है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि झारखण्ड में अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रही आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ की महिलाओं पर झारखण्ड पुलिस के कर्मियों ने मंगलवार को जमकर लाठियां भांज दी।  

इसी वीडियो को फेसबुक पर शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि,’ झारखंड रांची. अपनी मांगों को लेकर Hemant Soren मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रही आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ की महिलाओं पर मंगलवार को पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। महिलाएं जब राजभवन की ओर से मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही थी, ये कैसा महिलाओं का सम्मान, आदिवासी सरकार द्वारा । अब की बार — की सरकार’

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2019 के दौरान का है।

 

इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो के साथ शेयर किए गए दावे की सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। इस दौरान हमने सबसे पहले वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें वायरल वीडियो फेसबुक पर Online Jharkhand News नामक पेज द्वारा सितंबर 24, 2019 को किए गए एक पोस्ट में  वायरल वीडियो मिला।

 

पोस्ट में वायरल वीडियो को अपलोड कर कैप्शन में लिखा गया है कि अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रही आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ की महिलाओं पर मंगलवार को पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। महिलाएं जब राजभवन की ओर से मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही थी, इस दौरान मौके पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। फिर वहां मौजूद पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को रोकने की कोशिश की। इस दौरान जब महिलाएं नहीं मानी तो पुलिसकर्मियों ने महिलाओं पर लाठी बरसा दी। 

पोस्ट पर प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर कुछ संबंधित कीवर्ड्स के माध्यम से खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें दैनिक भास्कर की वेबसाइट प्रकाशित एक लेख मिला, जिसे साल 2019 में छापा गया था।

 

उपरोक्त लेख में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को अपलोड कर जानकारी दी गयी है कि झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के बैनर तले अगस्त 16, 2019 से ही आंगनबाड़ी सेविकाएं आंदोलन कर रही हैं। इसके तहत सेविकाओं को 1400 रुपये की जगह 5000 रुपये मानदेय देने, लघु आंगनबाड़ी सेविकाओं को 700 रुपये की जगह 2500 रुपये देने और सभी को स्वास्थ्य बीमा के लाभ से जोड़ने की मांग की जा रही है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं का जयपाल सिंह स्टेडियम में महाजुटान हुआ। यहां से निकल कर सभी रेडियम रोड होते हुए मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रही थीं। सेविकाओं का आरोप लगाया था कि वे शांतिपूर्ण ढंग से मछली घर चौराहा में लगायी गयी बैरिकेडिंग के पास आंदोलन कर रही थीं, तभी पुलिसवालों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया था।  

 

बता दें कि साल 2019 के दौरान झारखण्ड में भाजपा पार्टी की सरकार सत्ता में थी और इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री रघुबर दास थे।

पड़ताल के दौरान उपरोक्त मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2019 की घटना है जब राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में थी और राज्य के मुख्यमंत्री रघुबर दास थे।

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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