फैक्ट चेक: पुलिस से मारपीट करते हुए भगवा गमछे वाले युवकों का यह वीडियो हालिया दिनों का नहीं, भ्रामक दावे के साथ वायरल हुआ वीडियो

फैक्ट चेक: पुलिस से मारपीट करते हुए भगवा गमछे वाले युवकों का यह वीडियो हालिया दिनों का नहीं, भ्रामक दावे के साथ वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवकों को भीड़ को पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करते हुए देखा जा सकता है, वीडियो में गौर किया जा सकता है कि युवकों ने भगवा रंग का गमछा पहना हुआ है।
इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी में ABVP के छात्रों ने गुंडा गर्दी करते हुए पहले पुलिस से मारपीट की बाद में गोरखपुर यूनिवर्सिटी के वीसी को भी पीटा।
फेसबुक पर वायरल वीडियो शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “गोरखपुर यूनिवर्सिटी में ABVP वालों ने पहले दरोगा जी को पीटा फिर यूनिवर्सिटी के कुलपति और रजिस्ट्रार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। यूपी पुलिस ही सुरक्षित नही है तो वो प्रदेश की जनता को क्या ही सुरक्षा दे पाएगी।”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो से मेल खाता एक कीफ्रेम ABP न्यूज़ की वेबसाइट पर जुलाई 22, 2023 को प्रकाशित एक लेख में मिला। 
लेख के मुताबिक वायरल वीडियो उस दौरान का है जब साल 2023 के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने दीन दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी में शुक्रवार 21 जुलाई 2023 को अनियमितता के खिलाफ हंगामा, प्रदर्शन और नारेबाजी की थी।
इसी दौरान काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद प्रर्दशनकारी एबीवीपी कार्यकर्ता शाम 3 बजे कुलपति के कक्ष में घुसकर उत्पात मचाया। तोड़फोड़ की सूचना पर पुलिस कुलपति को बचाने पहुंच गई। इस दौरान कुलपति को पुलिस कक्ष से सुरक्षित बाहर निकालकर ले जाने लगी। यूनिवर्सिटी कैंपस में पुलिस को देखकर आक्रोशित कार्यकर्ता भड़क गए और उन्होंने कुलपति पर धावा बोल दिया। बीच बचाव करने आए पुलिसकर्मियों पर भी कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट।
इसी जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो से मेल खाता एक कीफ्रेम जागरण की वेबसाइट पर जुलाई 22, 2023 को छपे लेख में मिला। जिससे यह साफ़ हो गया कि वायरल वीडियो हालिया दिनों की घटना का नहीं है। 
उपरोक्त प्राप्त लेख में दी गयी जानकारी के मुताबिक दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर अभाविप कार्यकर्ता चार दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। वह अपने आठ साथियों के निलंबन वापसी और परिसर में प्रवेश पर लगी रोक के आदेश को निरस्त करने की मांग कर रहे थे। इस मामले में प्रशासन द्वारा कोई संज्ञान न लिए जाने पर नाराज प्रदर्शनकारी दोपहर 12 बजे कुलपति कार्यालय पहुंचे और गेट बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ता कुलपति को बुलाकर वार्ता करने की जिद पर अड़े थे। इसी दौरान नाराज छात्रों ने पुलिसकर्मी से मारपीट की और उत्पात मचाया।
पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2023 के दौरान की घटना का है।





