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फैक्ट चेक: नाई की दुकान पर शख्स की गर्दन पर मसाज से नहीं आया पैरालिसिस अटैक, भ्रामक दावे के साथ वायरल हुआ वीडियो

फैक्ट चेक: नाई की दुकान पर शख्स की गर्दन पर मसाज से नहीं आया पैरालिसिस अटैक, भ्रामक दावे के साथ वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक नाई की दुकान का है, जहां एक कस्टमर दूकान पर बाल बनाने का काम करने वाले शख्स से अपनी गर्दन पर मसाज करवाता है, जिसके बाद उसे कथित तौर पर पैरालिसिस का अटैक पड़ते दिख रहा है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि नाई की दुकान पर शख्स की गर्दन पर उलटी-सीधी मसाज करने पर उसकी मौत हो गयी।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि वीडियो अंतिम तक देंखे….”*कभी भी नाइ से कोई उल्टी सीधी मसाज नहीं करवाये अंजाम देखिये हल्की सी लापरवाही ने जान ले ली* *सावधान रहें सतर्क रहें*” 

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरल हो रहा है

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो Sowa International नामक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे नवंबर13, 2024 को अपलोड किया गया था। बता दें कि यह यूट्यूब शॉर्ट्स मिला। हालांकि यहाँ हमें वायरल वीडियो की कोई खास जानकारी नहीं मिली।

https://www.youtube.com/shorts/nKp1fuWv7nw

इसके बाद हमने वायरल वीडियो की सटीक जानकारी के हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें उक्त वीडियो 3RD EYE नामक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे नवंबर 09, 2024 को अपलोड किया गया था। बता दें कि प्राप्त यूट्यूब वीडियो 3 मिनट 40 सेकंड का है।

उपरोक्त प्राप्त यूट्यूब वीडियो के कैप्शन में हमने गौर किया कि यहाँ डिस्क्रिप्शन में बताया गया है कि उक्त यूट्यूब चैनल पर सभी वीडियो मनोरंजन व जागरूकता के उद्देश्य से बनाए जाते हैं।

हिंदी अनुवाद-  “कृपया ध्यान रखें कि यह चैनल अलग-अलग परिस्थितियों में लोगों को जागरूक करने के लिए स्क्रिप्टेड ड्रामा बनाता है. चैनल सामाजिक जागरूकता वाले वीडियो लाता है. ये लघु फ़िल्में सिर्फ मनोरंजन के लिए है”.

 

इसके साथ ही हमें प्राप्त यूट्यूब वीडियो के अंत में पाया कि उक्त वीडियो असली घटना पर आधारित नहीं है, यह वीडियो जागरूकता के उद्देश्य से बनाया गया है।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो असली घटना का नहीं बल्कि स्क्रिप्टेड है, इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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