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नहीं बढ़ेगी लोन की EMI, RBI ने रेपो रेट में नहीं किया इजाफा, 6.50% पर रखा बरकरार

नहीं बढ़ेगी लोन की EMI, RBI ने रेपो रेट में नहीं किया इजाफा, 6.50% पर रखा बरकरार

 

भारतीय रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने आज यानी गुरुवार को लोन लेने वालों को बड़ी राहत दी है। RBI गवर्नर शशिकांत दस ने गुरुवार को जानकारी दी कि मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 6.50% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था उचित गति से बढ़ती रही है और दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है और वैश्विक विकास में लगभग 15% का योगदान दे रही है।

मॉनेटरी पॉलिसी पर कमिटी के सभी सदस्य ब्याज दरों को यथास्थिति रखने के पक्ष में थे। वहीं, 6 में से 5 सदस्‍य अकोमोडेटिव रूख रखने के पक्ष में थे। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास सुबह 10 बजे समिति के फैसले की घोषणा की।

महंगाई की चिंताओं को देखते हुए पहले से ये संभावना जताई जा रही थी कि रिजर्व बैंक इस बार भी नीतिगत ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला कर सकता है। अभी रेपो रेट (Repo Rate) 6.50% पर चल रहा है और अपने इस फैसले के साथ आरबीआई एमपीसी ने फरवरी से अबतक यह तीसरी बार रेपो रेट को स्थिर रखा है।

मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग हर दो महीने में होती है। पिछले वित्त वर्ष-2022-23 की पहली मीटिंग अप्रैल-2022 में हुई थी। तब RBI ने रेपो रेट को 4% पर स्थिर रखा था, लेकिन RBI ने 2 और 3 मई को इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर रेपो रेट को 0.40% बढ़ाकर 4.40% कर दिया था।

22 मई 2020 के बाद रेपो रेट में ये बदलाव हुआ था। इसके बाद 6 से 8 जून को हुई मीटिंग में रेपो रेट में 0.50% इजाफा किया। इससे रेपो रेट 4.40% से बढ़कर 4.90% हो गई। फिर अगस्त में इसे 0.50% बढ़ाया गया, जिससे ये 5.40% पर पहुंच गई।

सितंबर में ब्याज दरें 5.90% हो गई। फिर दिसंबर में ब्याज दरें 6.25% पर पहुंच गई। इसके बाद वित्त वर्ष 2022-23 की आखिरी मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग फरवरी में हुई, जिसमें ब्याज दरें 6.25% से बढ़ाकर 6.50% कर दी गई थीं।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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