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चुनाव आयोग ने इन पार्टियों से छीना राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा, इस पार्टी को दी राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता, यहाँ जानिए कैसे मिलता हैं राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा क्या हैं नियम

फाइल इमेज: पोलिटिकल पार्टीज
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चुनाव आयोग ने इन पार्टियों से छीना राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा, इस पार्टी को दी राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता, यहाँ जानिए कैसे मिलता हैं राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा क्या हैं नियम

 

भारतीय चुनाव आयोग ने आज यानी सोमवार को देश की कई राजनीतिक पार्टियों को राज्य पार्टी का तथा राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता दी, वहीं कई पार्टियों से राज्य तथा राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छीन लिया। चुनाव आयोग ने दिल्ली और पंजाब की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया, वहीं दूसरी तरफ CPI और TMC से राष्ट्रीय दर्जा छीन लिया है।

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल (RLD), पश्चिम बंगाल में रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और आंध्र प्रदेश में भारत राष्ट्र समिति (BRS) को राज्य पार्टी के दर्जा से अमान्य किया। इस साथ ही लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को नगालैंड में, टिपरा मोथा पार्टी को त्रिपुरा में, मेघालय में वॉइस ऑफ द पीपुल पार्टी को राज्य पार्टी की मान्यता दी है।

जानिए क्या होती हैं राष्ट्रीय पार्टी 

राष्ट्रीय पार्टी यानी एक पार्टी जिसकी ‘राष्ट्रीय स्तर पर’ उपस्थिति होगी, वह एक राष्ट्रीय पार्टी होगी है। वहीं एक क्षेत्रीय पार्टी वह है जिसकी उपस्थिति केवल एक विशेष राज्य या क्षेत्र तक ही सीमित है।

राष्ट्रीय दल आमतौर पर भारत की बड़ी पार्टियां होती हैं, जैसे कि कांग्रेस और भाजपा, राजनीति की दुनिया में इन्हें बड़ा दल माना जाता है। बता दें कि देश में कुछ छोटी पार्टियां भी हैं जिन्हें राष्ट्रीय दलों के रूप में मान्यता प्राप्त है।

जानिए राष्ट्रीय पार्टी होने का क्या हैं क्राइटेरिया 

चुनाव आयोग ने किसी भी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा देने के लिए कुछ मापदंड और नियम बनाए हैं। अगर कोई भी पार्टी इन नियमों का पालन करती है और मापदंड को पूरा करती है तो निर्वाचन आयोग उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा देता है। हालांकि नियम का उल्लंघन या पालन न करने पर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस लिया भी जा सकता है।  यह हैं राष्ट्रीय दल बनने की शर्तें-

  1. पहला: पार्टी को कम से कम चार राज्यों में 6 फीसदी वोट हासिल हुआ हो।
  2. दूसरा: लोकसभा की कुल सीटों में से 2 फीसदी सीटें कम से कम तीन राज्यों से मिली हों।
  3. तीसरा: पार्टी को चार राज्यों में क्षेत्रीय दल का दर्जा मिला हो।