गाजा में इस्राइली हवाई हमला: 235 की मौत, हमास ने युद्धविराम उल्लंघन का लगाया आरोप

गाजा में मंगलवार सुबह हुए इस्राइली हवाई हमलों में कम से कम 235 लोगों की मौत हो गई है। यह हमला जनवरी में युद्धविराम लागू होने के बाद सबसे भीषण माना जा रहा है। फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता खलील देगरान ने मध्य गाजा स्थित अल-अक्सा मार्टर अस्पताल से ताजा आंकड़े जारी किए हैं।
हमास ने इस्राइल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है और कहा कि यह हमले बंधकों के जीवन को खतरे में डाल सकते हैं। वहीं, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि युद्धविराम वार्ता में प्रगति नहीं होने के कारण उन्होंने हमले का आदेश दिया। उनके कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि इस्राइल अब अपनी सैन्य ताकत बढ़ाकर हमास के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
हमास ने इस्राइल पर आरोप लगाया कि नेतन्याहू की सरकार युद्धविराम समझौते का उल्लंघन कर रही है, जिससे बंधकों का भविष्य संकट में पड़ गया है। इस्राइल ने इन हमलों की वजह हमास द्वारा बंधकों की रिहाई से इनकार को बताया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमास के पास अभी भी 24 जीवित बंधक हैं, जबकि 35 अन्य बंधकों के मारे जाने की आशंका है।
इस्राइल ने गाजा के बुरेजी इलाके में शरणार्थी कैंपों पर हमला किया। विस्थापित फलस्तीनियों ने जिस स्कूल में शरण ली थी, उसे भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा, इस्राइल ने गाजा में खाने, दवाइयों और ईंधन की सप्लाई भी रोक दी है, जिससे क्षेत्र में भुखमरी के हालात बन गए हैं।
गाजा के साथ-साथ इस्राइल ने सीरिया और लेबनान में भी हवाई हमले किए हैं। सीरिया के दारा इलाके में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की खबर है। लेबनान में इस्राइली हमले में दो हिज़बुल्लाह आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है। इन हमलों में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बयान में कहा कि इस्राइली हमले से पहले ट्रंप प्रशासन और व्हाइट हाउस से सलाह ली गई थी। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही साफ कर चुके हैं कि हमास, हूती और ईरान को अमेरिका और इस्राइल को आतंकित करने की कीमत चुकानी पड़ेगी। सबकुछ तहस-नहस कर दिया जाएगा।”
इस्राइल और हमास के बीच दूसरे चरण के युद्धविराम समझौते पर बातचीत जारी थी, लेकिन अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं। हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और इस्राइल के हमले तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।





