ताज़ा खबरेंभारत

उन्नाव रेप कांड: लखनऊ में ही होगा पीड़िता का इलाज, चाचा को रायबरेली से तिहाड़ जेल शिफ्ट करने का आदेश

उन्नाव रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा को दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है. वहीं पीड़िता को दिल्ली एयरलिफ्ट करने को लेकर कोर्ट ने कहा कि फिलहाल पीड़िता को इलाज के लिए दिल्ली शिफ्ट नहीं किया जाएगा. फ़िलहाल पीड़िता का इलाज लखनऊ के किंग्स जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.

अदालत को जानकारी दी गई है कि पीड़िता का परिवार लखनऊ में ही इलाज कराना चाहता है, ऐसे में वह नहीं चाहते हैं कि पीड़िता को दिल्ली शिफ्ट किया जाए.

इससे पहले गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि यदि परिजन चाहें तो पीड़िता को एयरलिफ्ट कर दिल्ली में इलाज किया जा सकता है.

शीर्ष अदालत ने पीड़िता के चाचा को दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है. बता दें उन्नाव कोर्ट ने पीड़िता के चाचा को हत्या के प्रयास मामले में 10 साल क इ सजा सुनाई है. इस सजा को पीड़िता के चाचा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है जिसकी सुनवाई 6 अगस्त को होगी.

ALSO READ: जयशंकर ने की पॉम्पिओ से मुलाकात, कहा कश्मीर पर सिर्फ पाकिस्तान के साथ होगी…

अदालत ने पीड़िता के मामले को अब सुप्रीम कोर्ट की दूसरी बेंच को सौंप दिया है, जो पूरे केस पर नजर बनाए रखेगी. इतना ही नहीं पीड़िता के इलाज पर भी लगातार रिपोर्ट लेती रहेगी.

इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि रिपोर्टिंग करते समय इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि पीड़िता की पहचान किसी भी तरह से उजागर ना हो पाए.

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव बलात्कार कांड से संबंधित सभी पांच मुकदमे उत्तर प्रदेश की अदालत से दिल्ली की अदालत में शिफ्ट करने के अलावा बलात्कार से संबंधित मुख्य मामले की सुनवाई 45 दिन के भीतर पूरी करने का आदेश दिया था. वहीं पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे की जांच 7 दिनों के अंदर ख़तम करने के लिए कहा था.

कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को सड़क दुर्घटना में जख्मी बलात्कार पीड़िता को अंतरिम मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये देने का भी आदेश दिया था.

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button