अब दो साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर भी होंगे भारत बायोटेक की वैक्सीन के फेज 2/3 के ट्रायल; एक्सपर्ट पैनल की सिफारिश के बाद मिली मंज़ूरी
भारत इस वक्त कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना कर रहा है, इसी के साथ वैक्सीनेशन की रफ़्तार और उसके प्रोडक्शन को भी तेज़ किया जा रहा है। अब इस संकट की घड़ी में एक्सपर्ट्स ने अंदेशा जताया है कि अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है, तो उसमें बच्चों पर भी काफी प्रभाव पड़ सकता है। अब इसी कड़ी में बच्चों के लिए आने वाले दिन में अच्छी खबर मिल सकती है।
दरअसल कोरोना वैक्सीन से जुड़ी सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) ने मंगलवार को भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का 2 से 18 साल के बच्चों के ऊपर ट्रायल करने की सिफारिश की, जिसकी मंजूरी मिल गई है। यानी अब भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का दुसरे और तीसरे चरण का ट्रायल 2 से 18 साल के बच्चों के ऊपर भी किया जायेगा।
Bharat Biotech's COVID-19 vaccine Covaxin recommended by expert panel for phase II/III clinical trials on 2 to 18 year-olds: Sources
— Press Trust of India (@PTI_News) May 11, 2021
सीडीएससीओ ने भारत बायोटेक के आवेदन पर किया विचार।
केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) ने मंगलवार को भारत बायोटेक द्वारा किए गए उस आवेदन यानी रिक्वेस्ट पर विचार-विमर्श किया जिसमें उसके कोवैक्सीन टीके की दो साल से 18 साल के बच्चों में सुरक्षा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने समेत अन्य चीजों का आकलन करने के लिए परीक्षण के दूसरे/तीसरे चरण की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था। इस विचार के बाद अब इसे मंज़ूरी मिल गयी है।
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कब और कैसे होगा ट्रायल।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ये क्लीनिकल ट्रायल 525 लोगों पर किया जाएगा, ये दिल्ली एम्स, पटना एम्स, नागपुर के MIMS अस्पतालों में होगा। कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक, भारत बायोटेक को फेज़ 3 का ट्रायल शुरू करने से पहले फेज़ 2 का पूरा डाटा उपलब्ध कराना होगा।
गौरतलब है कि भारत बायोटेक ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के साथ मिलकर कोवैक्सीन को विकसित किया है। कंपनी इसका उत्पादन यानी प्रोडक्शन और विपणन यानी डिस्ट्रीब्यूशन भी कर रही है। भारत में टीकाकरण अभियान में सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाई जा रही कोविशील्ड के साथ कोवैक्सीन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।





