ताज़ा खबरें

वायनाड: लगातार बढ़ रहा है भूस्खलन से मरने वालों की संख्या का आंकड़ा, अब तक 167 लोगों की हुई मौत

वायनाड: लगातार बढ़ रहा है भूस्खलन से मरने वालों की संख्या का आंकड़ा, अब तक 167 लोगों की हुई मौत

 

केरल में मंगलवार देर रात हुए भूस्खलन के चलते भारी तबाही का मंजर देखने को मिला। इस त्रासदी में लगातार मरने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है।  प्राप्त जानकारी के मुताबिक अब तक 167 लोगों की मौत की खबर मिली है। वहीं राहत बचाव टीम का बचाव अभियान अभी भी जारी है। राज्य सरकार ने मंगलवार को केरल में दो दिनों के लिए राजकीय शोक की घोषणा की गई है।

केरल के वायनाड में हुई त्रासदी का यह मुद्दा इतना गंभीर हो गया है कि देश को दोनों सदनों में भी इस मुद्दे को उठाया गया है। इसके साथ ही बुधवार को भी राहत-बचाव कार्य जारी है। प्रभावित इलाकों में डॉक्टरों की टीम मौजूद है, जो घायलों का इलाज कर रहे हैं। वहीं, आज वायनाड का दौरा करने के लिए राहुल और प्रियंका गांधी निकल चुके हैं।

 

केरल के वायनाड में बचाव अभियान पर मेजर जनरल मैथ्यू ने कहा, “हम 30 तारीख की सुबह से केरल सरकार और वायनाड के लोगों की मदद के लिए यहां हैं। अब तक हमने 100 से ज़्यादा शव बरामद किए हैं, कुल मिलाकर शवों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा है। हमने इसमें 500 सैनिकों को शामिल किया है, अभी ऑपरेशन का यह तीसरा दिन है। फंसे हुए सभी लोगों को बचा लिया गया है। अब हमें यह देखना है कि घर के अंदर कोई व्यक्ति फंसा हुआ तो नहीं है, इसके लिए हमें भारी उपकरणों की ज़रूरत है… हम बचाव अभियान में लगे हुए हैं। अभी हमारा ध्यान घर के अंदर फंसे लोगों की तलाश पर है… हम अपने डॉग स्क्वायड का भी उपयोग करेंगे…”

भूस्खलन के बाद मुंडक्कई और चूरलमाला इलाकों में 180 से अधिक लोग लापता हैं और 300 से ज्यादा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। भूस्खलन की घटनाएं मंगलवार को तड़के दो बजे से चार बजे के बीच हुईं, जिससे अपने घरों में सो रहे लोगों को बचने का मौका नहीं मिल पाया।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button