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लोकसभा 2024 के चुनाव से पहले केंद्र सरकार का बड़ा कदम, देशभर में लागू हुआ CAA, जारी हुई अधिसूचना

लोकसभा 2024 के चुनाव से पहले केंद्र सरकार का बड़ा कदम, देशभर में लागू हुआ CAA, जारी हुई अधिसूचना

 

लोकसभा 2024 के चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने आज 11 मार्च को अधिसूचना जारी कर देशभर में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू कर दिया है। इसके तहत तीन पड़ोसी देशों के गैर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी। इसके लिए इन लोगों को केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए ऑनलाइन पोर्टल पर अप्लाई करना होगा।

बता दें कि सीएए भाजपा के 2019 मैनिफेस्टो का हिस्सा था। इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन इसके खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। यह कानून अब तक लागू नहीं हो सका है क्योंकि इसके कार्यान्वयन के लिए नियमों को अधिसूचित किया जाना है। उल्लेखनीय है कि सीएए लागू होने के बाद नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

क्या है नागरिकता संशोधन कानून (CAA) 

नागरिकता संशोधन कानून तीन पड़ोसी देशों (पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश) के उन अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करता है, जिन्होंने लंबे समय से भारत में शरण ली हुई है। इस कानून में किसी भी भारतीय, चाहे वह किसी मजहब का हो, की नागरिकता छीनने का कोई प्रावधान नहीं है। भारत के मुस्लिमों या किसी भी धर्म और समुदाय के लोगों की नागरिकता को इस कानून से कोई खतरा नहीं है।

CAA लागू होने के बाद नागरिकता देने का अधिकार पूरी तरह से केंद्र सरकार के पास होगा। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी धर्म से जुड़े शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दे दी जाएगी।

गौरतलब है कि जो लोग 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आकर बस गए थे, उन्हें ही नागरिकता मिलेगी। इस कानून के तहत उन लोगों को अवैध प्रवासी माना गया है, जो भारत में वैध यात्रा दस्तावेज (पासपोर्ट और वीजा) के बगैर घुस आए हैं या फिर वैध दस्तावेज के साथ तो भारत में आए हैं, लेकिन तय अवधि से ज्यादा समय तक यहां रुक गए हों।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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