‘भारत की आवाज दबने नहीं देंगे’, राहुल गांधी ने BJP सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को अपनी बात रखने से रोकने वाला माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी भी ‘व्यवस्था’ को तोड़ने का काम करेगी, जो लोगों को अपनी बात कहने से रोकती है।
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र अपनी परेशानी और दर्द बताना चाहते थे, लेकिन सरकार उन्हें ऐसा करने से रोक रही थी। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है और कांग्रेस इस अधिकार के लिए आवाज उठाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की राजनीतिक सोच ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिससे उसे और कुछ खास लोगों को फायदा हो। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस का काम देश के लोगों को अपनी बात खुलकर रखने का मौका देना और ऐसी व्यवस्था को चुनौती देना है।
उत्तराखंड की घटना का भी किया जिक्र
राहुल गांधी ने उत्तराखंड में बलात्कार और हत्या की शिकार हुई एक युवती के परिवार से हुई अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार अपने दर्द को सामने रखना चाहता है, लेकिन उसे लगता है कि व्यवस्था उनकी आवाज सुनने के लिए तैयार नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि लोगों को अपनी तकलीफ और अनुभव बताने से रोकना सही नहीं है। उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी बात रखता है तो इसे अव्यवस्था नहीं माना जाना चाहिए।
RSS पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ को आज के भारत की सही समझ नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर डरने की जरूरत नहीं है और उन्होंने बीजेपी की विचारधारा पर भी सवाल उठाए।
राहुल गांधी के ये बयान ऐसे समय आए हैं, जब जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। विपक्षी दल प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। बाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य मांगों पर आश्वासन के बाद सीजेपी के नेतृत्व में चल रहा प्रदर्शन वापस ले लिया गया।




