WhatsApp में आया बड़ा AI फीचर, अब चैट के अंदर ही चला सकेंगे Third-Party AI Agents; जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp अपने यूजर्स के लिए AI से जुड़े फीचर्स का लगातार विस्तार कर रहा है। इसी कड़ी में कंपनी ने Third-Party AI Agents के लिए सपोर्ट शुरू किया है। इसका मतलब है कि अब यूजर्स WhatsApp के अंदर ही बाहरी कंपनियों या डेवलपर्स की ओर से बनाए गए AI एजेंट से चैट कर सकेंगे।
WhatsApp ने इस फीचर को लेकर अपने Terms of Service भी जारी किए हैं। इनमें बताया गया है कि ये AI एजेंट WhatsApp के नहीं होंगे, बल्कि स्वतंत्र कंपनियों या डेवलपर्स द्वारा बनाए और संचालित किए जाएंगे। WhatsApp सिर्फ इन्हें यूजर्स से बातचीत करने के लिए अपना प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा।
एक साथ 5 AI Agents जोड़ सकेंगे यूजर्स
WhatsApp के मुताबिक, यूजर्स एक समय में अधिकतम 5 Third-Party Agents कनेक्ट कर सकते हैं। अगर पांच एजेंट पहले से जुड़े हैं, तो नया एजेंट जोड़ने के लिए किसी मौजूदा एजेंट को हटाना या डिस्कनेक्ट करना होगा।
कंपनी ने यह भी कहा है कि भविष्य में इस सीमा को बदला जा सकता है।
WhatsApp Help Centre के अनुसार, यूजर्स ऐप के जरिए Third-Party Agents से सीधे बातचीत कर सकेंगे। यहां तक कि कुछ एजेंट ऐसे भी हो सकते हैं जिन्हें यूजर्स खुद थर्ड-पार्टी डेवलपर्स के टूल और कोड की मदद से तैयार करें।
कैसे काम करेगा WhatsApp का नया AI फीचर?
इस फीचर को सबसे पहले WhatsApp के Android बीटा वर्जन में देखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स WhatsApp की Settings में जाकर AI Agent को जोड़ और कॉन्फिगर कर सकेंगे।
इसके बाद उस एजेंट के लिए एक अलग चैट उपलब्ध होगी, जहां यूजर उससे बातचीत कर पाएगा। एजेंट को एक नाम और प्रोफाइल फोटो भी दी जा सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, WhatsApp एजेंट को चैट से जोड़ने के लिए एक API Key भी उपलब्ध कराता है। हालांकि, यह फीचर फिलहाल सीमित संख्या में यूजर्स और कुछ चुनिंदा देशों में उपलब्ध बताया जा रहा है। WhatsApp ने अभी सभी यूजर्स के लिए इसके व्यापक रोलआउट की तारीख घोषित नहीं की है।
Privacy को लेकर सबसे जरूरी बात
इस नए फीचर में प्राइवेसी को लेकर एक महत्वपूर्ण अंतर है। WhatsApp की सामान्य व्यक्तिगत चैट और कॉल End-to-End Encryption से सुरक्षित रहती हैं। लेकिन Third-Party AI Agents के साथ होने वाली बातचीत को End-to-End Encrypted नहीं माना जाता।
WhatsApp के Terms के मुताबिक, Third-Party Agent चलाने वाला प्रदाता यूजर के मैसेज को प्राप्त, प्रोसेस और स्टोर कर सकता है। ऐसे डेटा का इस्तेमाल उस एजेंट की अपनी डेटा हैंडलिंग नीतियों के तहत हो सकता है।
इसलिए WhatsApp की सलाह है कि किसी Third-Party AI Agent से बातचीत शुरू करने से पहले यूजर उसके Terms और Privacy Policy को जरूर पढ़ें।
WhatsApp पर बढ़ रहा AI का इस्तेमाल
यह फीचर Meta की WhatsApp में AI सेवाओं के विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी पहले ही कारोबारियों के लिए AI आधारित टूल पेश कर चुकी है, जिनकी मदद से ग्राहक सवालों के जवाब देना, प्रोडक्ट की जानकारी देना, अपॉइंटमेंट बुक करना और बिक्री से जुड़े काम आसान किए जा सकते हैं।
Third-Party AI Agents के आने के बाद भविष्य में WhatsApp यूजर्स को अलग-अलग AI सेवाओं के लिए बार-बार दूसरी ऐप या वेबसाइट खोलने की जरूरत कम हो सकती है।
फिलहाल यह फीचर धीरे-धीरे चुनिंदा यूजर्स तक पहुंच रहा है। आने वाले समय में इसका विस्तार होने पर WhatsApp के अंदर ही अलग-अलग AI सेवाओं से बातचीत करने का विकल्प मिल सकता है। हालांकि, किसी एजेंट की उपलब्धता और उसके फीचर्स उसके डेवलपर और WhatsApp की नीतियों पर निर्भर करेंगे।






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