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विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया. इस दौरान उन्होंने संसद में कहा, “इससे ज्यादा संख्या में आजतक किसी भी बिल पर लोगों की याचिकाएं नहीं आईं. इस बिल का पॉजिटिव सोच के साथ विरोध करने वाले भी समर्थन करेंगे.”

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में कहा, इससे ज्यादा संख्या में आजतक किसी भी बिल पर लोगों की याचिकाएं नहीं आईं. 284 डेलिगेशन ने अलग-अलग कमेटी के सामने अपनी बात रखी है. वहीं 25 राज्यों के वक्फ बोर्ड ने अपना पक्ष रखा. इसके अलावा पॉलिसी मेकर्स और एक्सपर्ट्स ने भी अपनी बात कमेटी के सामने रखी है. इस बिल का पॉजिटिव सोच के साथ विरोध करने वाले भी समर्थन करेंगे.

 

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि साल 2013 में मुझे भी बहुत ताज्जुब हुआ कि इसे कैसे पास कराया गया. तब दिल्ली के अंदर में केस चल रहा था. दिल्ली में कई बिल्डिंग पर दिल्ली वक्फ बोर्ड ने वक्फ प्रोपर्टी होने का दावा किया. उस समय सारी जमीनें दिल्ली वक्फ बोर्ड को दे दी गई. अगर हम आज ये बिल लेकर नहीं आते तो जिस जगह हम बैठे हैं, यानि ये संसद को भी क्लेम किया जा रहा था. वसंत विहार, एयरपोर्ट. अगर यूपीए सरकार रहती तो कौन-कौन सी संपत्ति वक्त के पास जाती. मैं अपने मन से कुछ नहीं कह रहा हूं. मैं तो हकीकत बता रहा हूं.

 

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “दिल्ली में 1970 से चल रहा एक मामला CGO कॉम्प्लेक्स और संसद भवन समेत कई संपत्तियों से जुड़ा है. दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इन संपत्तियों को वक्फ संपत्ति बताया था. मामला कोर्ट में था, लेकिन उस समय UPA सरकार ने 123 संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करके वक्फ बोर्ड को सौंप दिया था. अगर हमने आज यह संशोधन पेश नहीं किया होता, तो हम जिस संसद भवन में बैठे हैं, उस पर भी वक्फ संपत्ति होने का दावा किया जा सकता था. अगर पीएम मोदी सरकार सत्ता में नहीं आती, तो कई संपत्तियां गैर-अधिसूचित हो चुकी होतीं…”

 

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “..वक्फ विधेयक किसी भी धार्मिक व्यवस्था, किसी भी धार्मिक संस्था या किसी भी धार्मिक प्रथा में किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं कर रहा है…”

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “आज हमारे देश में कुल वक्फ संपत्ति 4.9 लाख से बढ़कर 8.72 लाख हो गई है. अगर इन 8.72 लाख वक्फ संपत्तियों का सही ढंग से प्रबंधन किया जाए, तो इससे न केवल मुसलमानों का जीवन बेहतर होगा, बल्कि पूरे देश की तकदीर भी बदल जाएगी…”

 

“हमने अपने WAMSI पोर्टल पर रिकॉर्ड की समीक्षा की है. 2006 में गठित सच्चर कमेटी ने भी इस मामले पर विस्तृत जानकारी दी है. 2006 में 4.9 लाख वक्फ संपत्तियां थीं और उनसे कुल आय 163 करोड़ रुपये थी और 2013 में बदलाव करने के बाद आय 166 करोड़ रुपये हो गई है…”

 

हमने जो वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किया है, उसमें जेपीसी की कई सिफारिशें शामिल हैं, जिन्हें हमने स्वीकार कर लिया है और इस विधेयक में शामिल कर लिया है… यह कहना गलत है कि जेपीसी की सिफारिशें इस विधेयक में शामिल नहीं की गई हैं… इस विधेयक का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू नई संरचित प्रणाली है. वक्फ विधेयक का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तीकरण, दक्षता और विकास (यूएमईईडी) विधेयक कर दिया गया है. इससे उम्मीद की भावना जगेगी.

 

हमने प्रौद्योगिकी का उपयोग करके दक्षता में सुधार करने के लिए काम किया है. एक केंद्रीकृत डेटाबेस और एक डिजिटल पोर्टल लागू किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी गुप्त रूप से वक्फ संपत्तियां नहीं बना सकता. उचित पंजीकरण, ट्रैकिंग, निगरानी और अनुपालन तंत्र स्थापित किए गए हैं. मैनुअल त्रुटियों को सुधारने का भी प्रावधान है… अंत में, उचित ऑडिटिंग आवश्यक है. हम ऑडिटिंग की जिम्मेदारी राज्य सरकारों को सौंप रहे हैं.

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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