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वंदे मातरम को मिली राष्ट्रगान जैसी कानूनी सुरक्षा, राष्ट्रपति मुर्मू ने दी विधेयक को मंजूरी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को वंदे मातरम विधेयक को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को अब राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी सुरक्षा मिल गई है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन गया है।

संसद ने पिछले महीने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पास किया था। इसके जरिए 1971 के राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम कानून में बदलाव किया गया है। नए कानून के तहत ‘वंदे मातरम’ गाने से जानबूझकर रोकने या इसे गाने वाली सभा में किसी तरह की बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

पहले सिर्फ राष्ट्रगान को मिली थी कानूनी सुरक्षा

पुराने कानून में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को जानबूझकर गाने से रोकने या राष्ट्रगान गा रही सभा में बाधा डालने को अपराध माना गया था। ऐसे मामलों में भी 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान था। हालांकि, इस कानून में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर ऐसी कोई स्पष्ट कानूनी व्यवस्था नहीं थी। नए संशोधन के बाद अब राष्ट्रगीत को भी इसी कानून के दायरे में शामिल कर दिया गया है।

विधेयक में कहा गया था कि ‘वंदे मातरम’ का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में ऐतिहासिक योगदान रहा है। संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 24 जनवरी 1950 को कहा था कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ को ‘जन गण मन’ के समान सम्मान और दर्जा दिया जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पहली बार गूंजेगा वंदे मातरम

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम का गायन किया जाएगा। इस साल की शुरुआत में गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को एक साथ बजाए या गाए जाने की स्थिति में पहले ‘वंदे मातरम’ गाने का निर्देश दिया था।

28 जनवरी को जारी आदेश में राष्ट्रगीत के गायन को लेकर पहली बार विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किया गया। इसके तहत ‘वंदे मातरम’ के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे, जिसकी अवधि करीब 3 मिनट 10 सेकंड होगी। यह प्रोटोकॉल राष्ट्रपति के आगमन, राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राज्यपालों के भाषण जैसे आधिकारिक कार्यक्रमों पर लागू होगा। आदेश के अनुसार, जब राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों गाए या बजाए जाएं, तो पहले वंदे मातरम होगा।

गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि राष्ट्रगीत के दौरान सभी लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना होगा। इसके अलावा स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाने के साथ करने का निर्देश दिया गया है।

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