US-Iran Conflict: ट्रंप बोले ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान ‘बहुत जल्द’ खत्म होगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान में चल रहा अमेरिकी सैन्य अभियान “बहुत जल्द” समाप्त हो जाएगा। हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई। फ्लोरिडा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि इस अभियान ने ईरान की सैन्य क्षमता और नेतृत्व को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। इससे पहले भी ट्रंप इस अभियान को “एक्सकर्शन” बताते हुए कह चुके हैं कि अमेरिका का उद्देश्य क्षेत्र में मौजूद बड़े खतरे को खत्म करना है।
“ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म” ट्रंप
रिपोर्टरों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि यह सैन्य अभियान पहले ही निर्णायक परिणाम दे चुका है। ट्रंप ने कहा,
“बहुत जल्द यह खत्म हो जाएगा। देखिए, उनके पास जो कुछ भी था वह लगभग खत्म हो चुका है, जिसमें उनका नेतृत्व भी शामिल है। उनके कई स्तर के नेता अब नहीं रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन ने ईरान की सैन्य संरचना को भारी नुकसान पहुंचाया है।
‘मिडिल ईस्ट में खतरा बन रहा था ईरान’
ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि ईरान पूरे मध्य-पूर्व के लिए खतरा बनता जा रहा था। उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा था और इज़राइल को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहा था। ट्रंप के मुताबिक,
“हमने सही समय पर कार्रवाई की और हमें इस ऑपरेशन पर गर्व है। अगर यह फिर से शुरू होता है तो उन्हें और भी कड़ा जवाब दिया जाएगा।”<
Operation Epic Fury: The first 10 days pic.twitter.com/pGL1Scu4hG
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 9, 2026
‘Operation Epic Fury’ में तबाह हुआ सैन्य ढांचा
ट्रंप ने बताया कि शुरुआती चरण में ही ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने इस अभियान को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” बताया।
उनके अनुसार,
- ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान हुआ
- एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम नष्ट कर दिए गए
- रडार और टेलीकॉम नेटवर्क भी प्रभावित हुए
- सैन्य नेतृत्व को भी बड़ा झटका लगा
ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध का सबसे बड़ा जोखिम पहले दो दिनों में ही खत्म हो गया था।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर पर भी ट्रंप की प्रतिक्रिया
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप से ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने निराशा जाहिर की। ट्रंप ने कहा कि यह फैसला ईरान में मौजूदा समस्याओं को और बढ़ा सकता है।
56 वर्षीय धर्मगुरु मोजतबा खामेनेई को ईरान की Assembly of Experts ने देश का तीसरा सुप्रीम लीडर चुना है। यह नियुक्ति अली खामेनेई की मौत के बाद की गई।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
ईरान में नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय हुआ है जब पूरे मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हालिया सैन्य अभियान में पूर्व नेता की मौत के बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़राइल से जुड़े ठिकानों पर हमले किए।





