भारतीयों के लिए US Green Card का इंतजार 179 साल तक? जानें क्यों बढ़ी टेंशन

अमेरिका में नौकरी करने वाले भारतीयों के लिए स्थायी नागरिकता यानी ग्रीन कार्ड हासिल करना आसान नहीं है। अब एक नई रिपोर्ट ने इस लंबे इंतजार की तस्वीर और साफ कर दी है। National Foundation for American Policy (NFAP) की अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ श्रेणियों में भारतीयों को ग्रीन कार्ड के लिए 179 साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 या उसके बाद ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले भारतीयों के लिए EB-2 श्रेणी में संभावित इंतजार 179 साल तक हो सकता है। वहीं EB-3 श्रेणी में यह इंतजार करीब 38 साल और EB-1 श्रेणी में करीब 5 साल हो सकता है।
करीब 10 लाख भारतीय इंतजार में
NFAP के मुताबिक, इस समय करीब 9,96,599 भारतीय और उनके परिवार के सदस्य रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के इंतजार में हैं। यह इस श्रेणी में ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे कुल लोगों का करीब 79 फीसदी है।
ग्रीन कार्ड मिलने के बाद किसी विदेशी नागरिक को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति मिलती है। बड़ी संख्या में भारतीय आईटी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और दूसरे पेशेवर क्षेत्रों में अमेरिका में काम करते हैं और लंबे समय से स्थायी निवास का इंतजार कर रहे हैं।
EB-1, EB-2 और EB-3 में क्या अंतर है?
भारतीय पेशेवरों के लिए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की तीन प्रमुख श्रेणियां हैं।
EB-1: इसमें अपने क्षेत्र में असाधारण क्षमता रखने वाले लोग, प्रमुख शिक्षक-शोधकर्ता और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कुछ वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं।
EB-2: इसमें उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले पेशेवर और अपने क्षेत्र में विशेष योग्यता रखने वाले लोग आते हैं।
EB-3: इसमें स्नातक डिग्री वाले पेशेवरों के अलावा कुशल और अन्य श्रेणी के कर्मचारी शामिल होते हैं।
हर साल रोजगार के आधार पर करीब 1.40 लाख ग्रीन कार्ड उपलब्ध होते हैं। साथ ही, किसी एक देश के नागरिकों के लिए कुल संख्या का 7 फीसदी से अधिक हिस्सा तय नहीं है। भारतीयों की बड़ी संख्या के कारण यह सीमा उनके लिए लंबे इंतजार की एक बड़ी वजह बन जाती है।
चीन के लोगों से कितनी अलग है स्थिति?
NFAP की रिपोर्ट में भारतीय और चीनी आवेदकों के इंतजार में बड़ा अंतर सामने आया है।
भारतीयों के लिए EB-2 श्रेणी में संभावित इंतजार 179 साल बताया गया है, जबकि चीन के लोगों के लिए यह करीब 25 साल है।
इसी तरह EB-3 में भारतीयों के लिए संभावित इंतजार करीब 38 साल, जबकि चीन के लोगों के लिए करीब 7 साल है।
EB-1 में भारतीयों के लिए संभावित इंतजार करीब 5 साल बताया गया है।
आखिर इतना लंबा क्यों हुआ इंतजार?
भारतीयों के लिए ग्रीन कार्ड का यह लंबा इंतजार अचानक नहीं बढ़ा है। NFAP के अनुसार, यह समस्या कम से कम एक दशक से बनी हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2016 में अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा ने भारत के लिए EB-2 श्रेणी में 47,601 आवेदन मंजूर किए थे। परिवार के सदस्यों को जोड़ने पर यह संख्या करीब 98,594 लोगों की थी। लेकिन उसी साल भारत से सिर्फ करीब 4,407 लोगों को स्थायी निवास मिला।
इस अंतर की वजह से अकेले 2016 में ही करीब 90 हजार से ज्यादा लोग इंतजार की सूची में जुड़ गए। 2017 और 2018 में भी इसी तरह की स्थिति बनी रही।
कोरोना महामारी के दौरान भी बढ़ा दबाव
कोरोना महामारी के दौरान अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के बंद रहने से परिवार आधारित वीजा की प्रक्रिया प्रभावित हुई। अमेरिकी कानून के तहत इस्तेमाल नहीं किए जा सके कुछ वीजा रोजगार आधारित श्रेणियों में चले गए।
NFAP के अनुसार, वित्त वर्ष 2020 से 2024 के बीच रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए करीब 2.80 लाख अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हुए। इसके बावजूद पांच साल में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का इंतजार करने वालों की संख्या करीब 20.6 फीसदी बढ़ गई।
भारतीयों के लिए चिंता की बात क्यों?
ग्रीन कार्ड मिलने तक कई भारतीय पेशेवरों और उनके परिवारों को अमेरिका में स्थायी निवास को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। लंबे इंतजार का असर नौकरी, परिवार और भविष्य की योजनाओं पर भी पड़ सकता है।
NFAP का कहना है कि इतना लंबा इंतजार अमेरिकी कंपनियों के लिए भी चुनौती बन सकता है, क्योंकि इससे उनके लिए भारतीयों समेत दूसरे देशों के कुशल पेशेवरों को अमेरिका में बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।





