ताज़ा खबरेंभारतविदेश

अमेरिका में बड़ी कार्रवाई, 25 लोगों की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू, एक भारतीय मूल का व्यक्ति भी शामिल

अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने धोखाधड़ी और गंभीर आपराधिक मामलों के चलते 25 प्राकृतिक नागरिकों (Naturalised Citizens) की नागरिकता रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें एक भारतीय मूल का नागरिक भी शामिल है।

वाशिंगटन डीसी: अमेरिका ने देश की नागरिकता प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने धोखाधड़ी, पहचान छिपाने और गंभीर अपराधों के आरोपों के तहत 25 प्राकृतिक नागरिकों की नागरिकता छीनने की कार्रवाई शुरू की है। इस सूची में एक भारतीय मूल के व्यक्ति का नाम भी शामिल है।

नरिंदर सिंह पर लगा धोखाधड़ी का आरोप

न्याय विभाग के अनुसार, डेलावेयर के रहने वाले 65 वर्षीय भारतीय मूल के नरिंदर सिंह पर अमेरिका में प्रवेश पाने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप है।

जांच में सामने आया कि सिंह ने 1996 में अमेरिका में प्रवेश के दौरान दो अलग-अलग पहचानों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद, 1 मई 2008 को उन्हें आधिकारिक रूप से अमेरिकी नागरिकता मिल गई थी। अब उन पर गलत बयानी और ऐसे गैरकानूनी कृत्यों के 7 मामले दर्ज किए गए हैं, जो उनके नैतिक चरित्र पर सवाल खड़े करते हैं।

पाकिस्तानी मूल के लोग भी सूची में शामिल

इस लिस्ट में केवल भारतीय मूल के व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान मूल के दो नागरिक—जिया मुराद भट्टी (Zia Murad Bhatti) और मोहम्मद वासिफ (Mohd Wasif)—भी शामिल हैं। इन पर भी फर्जी पहचान के जरिए नागरिकता हासिल करने का आरोप है।

अधिकारियों के मुताबिक, ये शिकायतें 20 जुलाई से 3 अगस्त के बीच दर्ज की गईं। इस सूची में मोल्दोवा, मैक्सिको, कोलंबिया, नाइजीरिया, लाइबेरिया, घाना, जमैका, ताइवान, होंडुरास, कैमरून, जॉर्डन, क्यूबा, अल साल्वाडोर, हैती और स्वीडन के प्राकृतिक नागरिक भी शामिल हैं।

ट्रंप प्रशासन के तहत बढ़ी कार्रवाई

20 जनवरी 2025 के बाद से ट्रंप प्रशासन के सख्त रुख के चलते न्याय विभाग द्वारा नागरिकता रद्द करने (Denaturalization) के मामलों में भारी तेजी आई है। इन 25 नए मामलों के जुड़ने के बाद कुल ऐसे मामलों की संख्या बढ़कर 123 हो गई है।

कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच (Todd Blanche) ने एक बयान में कहा, “अमेरिकी नागरिकता हमारे देश के सबसे बड़े सम्मानों में से एक है, और इसे कानूनी व ईमानदारी के साथ ही प्राप्त किया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह विभाग के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा समन्वित डिनेचुरलाइजेशन अभियान है, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है।

गंभीर आपराधिक आरोप

इन 25 व्यक्तियों पर हत्या के प्रयास, बच्चों के यौन शोषण, घरेलू हिंसा, मैरिज फ्रॉड, आइडेंटिटी फ्रॉड, पासपोर्ट फ्रॉड, बैंक और क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के अलावा बिना लाइसेंस के मेडिकल प्रैक्टिस करने जैसे कई गंभीर आपराधिक आरोप दर्ज हैं। न्याय विभाग के सिविल डिवीजन के सहायक अटॉर्नी जनरल ब्रेट शुमाते (Brett Shumate) ने कहा कि यह रिकॉर्ड इतिहास में डिनेचुरलाइजेशन का सबसे बड़ा उछाल है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button