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UPI Scam Alert: फोन की स्क्रीन फ्रीज होना बन सकता है बड़ा खतरा, खाली हो सकता है बैंक खाता

अक्सर अनजान लिंक पर क्लिक करने या सोशल मीडिया विज्ञापन देखने के बाद फोन अचानक हैंग या फ्रीज हो जाता है। इसे लोग आम तकनीकी समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह एक खतरनाक UPI Scam का हिस्सा हो सकता है, जिससे आपका बैंक खाता खाली हो सकता है।

कैसे काम करता है यह स्कैम?

साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फोन का फ्रीज होना सिर्फ एक दिखावा या ध्यान भटकाने का तरीका है। स्कैमर्स इसके बाद फर्जी एरर मैसेज भेजते हैं या कस्टमर सपोर्ट के नाम पर कॉल करते हैं। वे यूजर्स को कैशबैक, रिवॉर्ड या सर्विस ऐप के नाम पर APK फाइल इंस्टॉल करने के लिए उकसाते हैं।

क्विक हील टेक्नोलॉजीज के सीईओ हरीश कुमार के अनुसार, एक बार मैलवेयर इंस्टॉल होने के बाद स्कैमर्स एक्सेसिबिलिटी और नोटिफिकेशन परमिशन का गलत इस्तेमाल करते हैं। वे ओटीपी (OTP) पढ़ लेते हैं और स्क्रीन-शेयरिंग ऐप के जरिए यूजर की हर गतिविधि पर नजर रखते हैं।

ऐसे होता है पैसों का फ्रॉड

स्कैमर्स को यूपीआई की सुरक्षा तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती। वे सीधे डिवाइस और यूजर को निशाना बनाते हैं। कई मामलों में विक्टिम खुद अपना यूपीआई पिन (UPI PIN) दर्ज कर देते हैं या ट्रांजैक्शन अप्रूव कर देते हैं, जिससे पेमेंट बिल्कुल वैध (Legitimate) लगती है।

खुद को कैसे बचाएं?

  • अगर फोन अचानक फ्रीज हो जाए, तो घबराएं नहीं और अनजान कॉलर की बात न मानें।

  • तुरंत मोबाइल डेटा और वाई-फाई (Wi-Fi) बंद कर दें।

  • अपना यूपीआई पिन या बैंकिंग डिटेल शेयर न करें और किसी अनजान ऐप को इंस्टॉल न करें।

  • संदिग्ध ऐप्स को तुरंत डिलीट करें और फोन को किसी भरोसेमंद एंटीवायरस से स्कैन करें।

यदि आपके साथ ऐसा फ्रॉड हो जाता है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें। भारत में किसी भी वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) की शिकायत के लिए तुरंत 1930 पर कॉल करें। कोई भी बैंक या सर्विस प्रोवाइडर कभी भी यूपीआई समस्या को ठीक करने के लिए स्क्रीन शेयर करने या ऐप इंस्टॉल करने को नहीं कहता है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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