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UP के स्कूल में मोमोज और फ्रेंच फ्राइज खाने के बाद 2 छात्रों की मौत, एक की हालत में सुधार

उत्तर प्रदेश के बांदा में एक निजी आवासीय स्कूल में दो छात्रों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। दोनों बच्चों की तबीयत रविवार रात और सोमवार सुबह अचानक बिगड़ी थी। परिवारों के मुताबिक, दोनों ने रविवार शाम महेंद्र चौक के पास एक दुकान से मोमोज और फिंगर चिप्स खाए थे। हालांकि, इन खाद्य पदार्थों और बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बीच कोई सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।

पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराया है और जांच शुरू कर दी है। उनकी मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।

12 और 9 साल के छात्रों की मौत

यह घटना बांदा के झील का पुरवा इलाके में स्थित BL Vidya Mandir की है। मृतकों की पहचान 12 वर्षीय नितिन और 9 वर्षीय अरुण कुशवाहा के रूप में हुई है। नितिन कक्षा 6 और अरुण कक्षा 2 में पढ़ता था। दोनों स्कूल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे।

नितिन के परिवार के अनुसार, सोमवार रात करीब 1 बजे उसकी तबीयत खराब हुई। उसे उल्टी और पेट दर्द की शिकायत थी। स्कूल के कर्मचारियों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन कुछ समय बाद उसे वापस स्कूल ले आए। सुबह करीब 7 बजे उसे दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

दूसरे छात्र ने रास्ते में तोड़ा दम

दूसरे छात्र अरुण कुशवाहा की तबीयत सुबह करीब 4 बजे बिगड़ी। स्कूल के कर्मचारी उसे करीब 6 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही अरुण की मौत हो गई।

वहीं, कक्षा 4 में पढ़ने वाला तीसरा छात्र योगेश शिवहरे भी सोमवार दोपहर बीमार पड़ा। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी हालत में सुधार हो रहा है।

पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा सुरक्षित

बांदा के अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि दोनों छात्रों का सोमवार रात पोस्टमॉर्टम कराया गया। उनकी मौत की सही वजह का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।

पुलिस ने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि छात्रों की बीमारी और मौत का संबंध उनके द्वारा खाए गए मोमोज या फिंगर चिप्स से था।

स्कूल की भूमिका पर भी उठे सवाल

बच्चों की मौत के बाद स्कूल प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि स्कूल ने उन्हें बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी समय पर नहीं दी।

दोनों मृत छात्रों के छोटे भाई भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। परिवारों के मुताबिक, उन्होंने बताया कि नितिन और अरुण ने रात में स्कूल के कर्मचारियों से अपने माता-पिता को जानकारी देने के लिए कहा था, लेकिन उन्हें बात नहीं करने दी गई।

हालांकि, स्कूल के प्रबंधक ओम प्रकाश ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद स्कूल कर्मचारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया और उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की।

मौत की वजह जांच के बाद होगी साफ

इस घटना में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल बच्चों की अचानक बिगड़ी तबीयत और उनकी मौत की वास्तविक वजह को लेकर है। पुलिस जांच और विसरा रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों छात्रों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

फिलहाल पुलिस ने खाने की वजह को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। इसलिए मोमोज या फिंगर चिप्स को बच्चों की मौत का कारण मानना अभी जल्दबाजी होगी।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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