UAE में मिसाइल अलर्ट से मचा हड़कंप, ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने का आरोप; अब व्यापार भी बंद

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मंगलवार शाम मिसाइल हमले के अलर्ट के बाद तनाव बढ़ गया। UAE ने आरोप लगाया कि ईरान की ओर से दो बैलिस्टिक मिसाइलें उसकी तरफ दागी गईं। UAE के मुताबिक, दोनों मिसाइलें समुद्र में गिरीं और किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। इसके कुछ घंटों बाद अबू धाबी ने ईरान के साथ सभी व्यापारिक और वित्तीय लेनदेन अगले आदेश तक रोकने का ऐलान कर दिया।
दुबई समेत कई इलाकों में आया मिसाइल अलर्ट
मंगलवार शाम करीब 6:52 बजे UAE के कई हिस्सों में लोगों के मोबाइल फोन पर मिसाइल खतरे का अलर्ट जारी किया गया। लोगों से तुरंत नजदीकी सुरक्षित इमारत में शरण लेने को कहा गया।
करीब 15 मिनट बाद अलर्ट हटा लिया गया। UAE के गृह मंत्रालय ने स्थिति को सुरक्षित बताते हुए लोगों से सामान्य गतिविधियां फिर शुरू करने को कहा।
इसके बाद UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने ईरान से UAE की ओर आती दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया।
UAE का दावा- दोनों मिसाइलें समुद्र में गिरीं
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एक मिसाइल UAE के क्षेत्रीय जल क्षेत्र के बाहर और दूसरी उसके क्षेत्रीय जल क्षेत्र के भीतर गिरी। बाद के आकलन में कहा गया कि मिसाइलों का निशाना समुद्री यातायात हो सकता है।
दोनों मिसाइलें समुद्र में गिर गईं। UAE रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं और सुरक्षा एवं संप्रभुता को किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।
मई में ईरान द्वारा UAE में ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद यह UAE पर इस तरह के हमले की पहली रिपोर्ट है।
ईरान ने आरोपों को किया खारिज
UAE के आरोपों को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने UAE की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप क्षेत्रीय देशों के बीच विश्वास बहाली की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ईरान ने क्षेत्र के देशों से बढ़ते तनाव के बीच बिना पुष्टि के आरोप लगाने से बचने की अपील भी की।
UAE ने ईरान के साथ व्यापार रोका
मिसाइलों के आरोप के कुछ घंटे बाद UAE ने ईरान के खिलाफ बड़ा आर्थिक कदम उठाया। अबू धाबी ने अगले आदेश तक ईरान के साथ सभी व्यापार, वाणिज्यिक लेनदेन और वित्तीय गतिविधियां रोकने की घोषणा की।
UAE ने इसके पीछे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा पर पड़ रहे असर को वजह बताया।
यह फैसला दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में बड़ी गिरावट का संकेत माना जा रहा है। इससे पहले जून में हुए एक समझौते के जरिए व्यापक संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश की गई थी।
अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य
UAE में बढ़ा तनाव अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच सामने आया है। जून में हुए समझौते के तहत दोनों देशों को व्यापक शांति समझौते पर बातचीत के लिए 60 दिन का समय मिला था, लेकिन 17 अगस्त को यह अवधि बिना किसी ठोस प्रगति के खत्म हो गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि फिलहाल ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है और न ही इसकी योजना है। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि उसकी शर्तें पूरी होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा।
ट्रंप ने जलडमरूमध्य को खुला और चालू बताया है, लेकिन वहां से गुजरने वाला समुद्री यातायात युद्ध से पहले के मुकाबले काफी कम है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल और LNG आपूर्ति के करीब पांचवें हिस्से के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने का असर भारत पर भी पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस का आयात करता है। लंबे समय तक इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर व्यवधान रहने से वैश्विक ऊर्जा कीमतों, शिपिंग लागत और भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल UAE और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और क्षेत्रीय तनाव को लेकर स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।




