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नेपाल में 9 दिन बाद हाइड्रोपावर सुरंग से जिंदा निकले 2 मजदूर, 557 अब भी लापता

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद लापता हुए दो मजदूरों को 9 दिन बाद जिंदा बचा लिया गया है। दोनों मजदूर त्रिशूल-3ए हाइड्रोपावर परियोजना की सुरंग में फंसे हुए थे। बचाव दल ने शुक्रवार को उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों की हालत पर नजर रखी जा रही है।

नेपाल सेना के ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बसनेट ने बताया कि भोतेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद दोनों मजदूर सुरंग में फंस गए थे। संयुक्त बचाव दल ने उन्हें बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि सुरंग में अभी भी तलाशी और बचाव अभियान जारी है।

बचाए गए मजदूरों की पहचान संजय शाह और कबीर महर्जन के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों में से एक मैकेनिकल फोरमैन और दूसरा मैकेनिकल सुपरवाइजर है। दोनों को इलाज और निगरानी के लिए मेडिकल टीम के पास रखा गया है। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में एक मजदूर को मिट्टी से पूरी तरह ढका हुआ देखा गया। बचावकर्मी उसे अपने कंधे पर उठाकर सुरंग से बाहर लाते नजर आए।

557 मजदूर अब भी लापता

नेपाल के स्वतंत्र बिजली उत्पादक संघ के मुताबिक, त्रिशूल-3ए हाइड्रोपावर परियोजना में काम कर रहे करीब 557 मजदूर अभी भी लापता हैं। इनमें से करीब 115 मजदूरों के मुख्य सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका है। बचाव दल को उम्मीद है कि सुरंग के अंदर कुछ लोग अब भी जिंदा हो सकते हैं, इसलिए तलाश जारी है।

नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही

नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, भीषण बाढ़ और भूस्खलन में अब तक कम से कम 1,259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5,000 से ज्यादा लोग लापता हैं। माना जा रहा है कि ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। वहीं, चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी इस आपदा का असर देखने को मिला है। चीन के मुताबिक, वहां 21 लोगों की मौत हुई है, जबकि 541 लोग अब भी लापता हैं।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, नेपाल की 12 हाइड्रोपावर परियोजनाओं से करीब 900 मजदूर लापता हैं। इनमें से लगभग 500 के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। बचाव दल लगातार सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश कर रहा है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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