भारतीय आयात पर Trump का 50% टैरिफ आदेश लागू, जानें भारत पर कितना पड़ेगा प्रभाव

अमेरिका ने बुधवार को भारत से आयात पर 50 प्रतिशत का भारी शुल्क लगा दिया. यह कदम कुछ हफ़्ते पहले ही उठाया गया था. यह अमेरिका द्वारा जारी एक मसौदा नोटिस के बाद लागू किया गया है.
सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) ने पुष्टि की है कि यह आदेश 27 अगस्त से प्रभावी होगा.
इसका भारत पर कितना प्रभाव पड़ेगा?
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के अनुसार, भारत से अमेरिका को होने वाले लगभग दो-तिहाई निर्यात – जिसका मूल्य वित्त वर्ष 2025 में कुल 86.5 अरब डॉलर में से 60.2 अरब डॉलर था – अब 50 प्रतिशत के भारी शुल्क के अधीन हैं. हालाँकि, सरकारी आकलन इस आंकड़े को थोड़ा कम रखते हैं और अनुमान लगाते हैं कि इसका असर लगभग 48.2 अरब डॉलर के निर्यात पर पड़ेगा.
व्यापार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस बढ़ोतरी का सबसे ज़्यादा असर अमेरिकी बाज़ार पर अत्यधिक निर्भर श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर पड़ेगा. जीटीआरआई का अनुमान है कि अगर शुल्क जारी रहे, तो वित्त वर्ष 26 में भारत का अमेरिका को निर्यात घटकर 49.6 अरब डॉलर रह सकता है, जिससे लगभग पाँच वर्षों की कड़ी मेहनत से हासिल निर्यात वृद्धि पर पानी फिर जाएगा. थिंक टैंक ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है, “इस टैरिफ झटके से अमेरिकी बाज़ार में भारत द्वारा कड़ी मेहनत से हासिल की गई बढ़त के खत्म होने का खतरा है.”
किन क्षेत्रों पर सबसे ज़्यादा असर पड़ेगा?
सबसे ज़्यादा झटका कपड़ा, रत्न एवं आभूषण, समुद्री भोजन, रसायन और ऑटो पार्ट्स उद्योग को लगने की उम्मीद है—ये ऐसे उद्योग हैं जिन्होंने लंबे समय से भारत की निर्यात वृद्धि को गति दी है. ये क्षेत्र न केवल विदेशी व्यापार की आधारशिला हैं, बल्कि लाखों श्रमिकों, खासकर छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों (एसएमई) के लिए जीवनरेखा भी हैं, जो अब नई टैरिफ व्यवस्था के तहत अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं.




