ताज़ा खबरेंविदेश

ट्रंप की तुर्की में विमान बदलने की वजह पर नया खुलासा, ईरानी खतरे को CIA ने माना था ‘कम विश्वसनीय’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तुर्की दौरे के दौरान अचानक विमान बदलने के मामले में एक नया खुलासा सामने आया है। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप को लेकर ईरानी प्रॉक्सी समूहों से जुड़ा खतरा वास्तविक था, लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने इसे इतना विश्वसनीय नहीं माना था कि इसे गंभीर खतरे की श्रेणी में रखा जाए।

ट्रंप ने मंगलवार को पुष्टि की थी कि उन्होंने तुर्की में अपना विमान बदला था। उन्होंने कहा था कि वह सीक्रेट सर्विस और सेना की सलाह के अनुसार काम करते हैं और उन्हें विमान बदलने के पीछे किसी संभावित खतरे की जानकारी दी गई थी।

तीन विमानों के बीच बदला गया ठिकाना

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप पहले कतर की ओर से दिए गए Boeing 747-8 विमान में सवार थे। इसके बाद उन्होंने तुर्की में चुपचाप इस विमान को छोड़ा और पुराने Air Force One में चले गए।

इसके बाद मामला और ज्यादा गोपनीय हो गया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रंप को पुराने विमान से भी एक छोटे C-32A विमान में ले जाया गया। उन्हें कथित तौर पर एक एयरपोर्ट कैटरिंग वाहन के जरिए विमान तक पहुंचाया गया, ताकि उनके विमान बदलने की जानकारी सार्वजनिक न हो।

C-32A विमान बाद में ट्रंप को ब्रिटेन के Mildenhall एयर बेस तक लेकर गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस विमान को F-16 लड़ाकू विमानों ने भी सुरक्षा दी।

इजरायल से मिली थी खतरे की जानकारी

द वॉशिंगटन पोस्ट ने मामले से परिचित पूर्व अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप की जान को संभावित खतरे की जानकारी इजरायल की ओर से साझा की गई थी। इसमें कथित तौर पर ईरान से जुड़े समूहों द्वारा ट्रंप को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई थी।

हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक CIA के अधिकारियों को इस खतरे पर ज्यादा भरोसा नहीं था। एक अधिकारी ने इसे इजरायल से मिली जानकारी बताया, जिसे अमेरिकी स्तर पर उच्च विश्वास वाली खुफिया जानकारी नहीं माना गया।

इसके बावजूद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने जोखिम लेने से इनकार किया। रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया कि ट्रंप पहले भी हत्या के प्रयासों का सामना कर चुके हैं, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं करना चाहती थीं।

ट्रंप ने क्या कहा?

विमान बदलने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि वह सीक्रेट सर्विस और सेना की सलाह मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कई तरह की धमकियां मिलती रहती हैं और आम लोगों को उनके बारे में जानकारी नहीं होती।

विमान बदलने की यह घटना 8 जुलाई को तुर्की में नाटो सम्मेलन के दौरान हुई थी। हालांकि ट्रंप के विमान बदलने की खबर सामने आने के बाद इसके पीछे संभावित खतरे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं, अब सामने आई रिपोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नई जानकारी दी है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

3 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button