मलेशिया से भारत लाए गए बंबीहा गैंग के 3 गैंगस्टर, IGI एयरपोर्ट पर पंजाब पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली: विदेश में बैठकर भारत में आपराधिक नेटवर्क चलाने के आरोप में तीन गैंगस्टरों को मलेशिया से भारत डिपोर्ट किया गया है। दविंदर बंबीहा गैंग से जुड़े जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल, अजय सिंह और पवनदीप सिंह को भारत लाने के बाद दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अब तीनों को पंजाब ले जाकर पूछताछ की जा रही है।
गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर तीनों को भारत वापस लाए जाने की जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक, तीनों पर रंगदारी, सीमा पार से हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी और लुधियाना में हैंड ग्रेनेड हमले की नाकाम साजिश समेत कई गंभीर आरोप हैं।
कौन हैं तीनों आरोपी?
जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल पंजाब के फरीदकोट का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, वह जून 2019 में मलेशिया गया था। वहां उसकी मुलाकात एक फरार गैंगस्टर से हुई और इसके बाद वह कथित तौर पर बंबीहा गैंग के संपर्क में आया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि विदेश में रहकर वह गैंग की गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा था।
भारत लौटने के बाद पंजाब पुलिस ने उसे 2025 में यादविंदर सिंह और उसके ड्राइवर जीवंजोत सिंह चहल उर्फ जुगनू की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस उससे हत्या की साजिश और विदेश से चल रहे गैंग के नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर रही है।
अजय सिंह राजस्थान के श्रीगंगानगर का रहने वाला है। पुलिस का आरोप है कि वह मलेशिया में रहकर बंबीहा गैंग के लिए काम कर रहा था और भारत में मौजूद गैंग के सदस्यों को आपराधिक गतिविधियों के लिए निर्देश देता था। लुधियाना में हैंड ग्रेनेड हमले की साजिश में उसकी कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पवनदीप सिंह भी श्रीगंगानगर का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, वह अजय सिंह के साथ मलेशिया में रहकर कथित तौर पर गैंग के लिए काम करता था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों ने भारत में मौजूद अपने साथियों को लुधियाना में हैंड ग्रेनेड हमले के लिए निर्देश दिए थे।
लुधियाना में ग्रेनेड हमले की क्या थी साजिश?
पंजाब पुलिस के मुताबिक, 2025 में लुधियाना में हैंड ग्रेनेड हमला करने की योजना बनाई गई थी। आरोप है कि मलेशिया में मौजूद अजय सिंह और पवनदीप सिंह ने भारत में अपने साथियों के जरिए इस साजिश को अंजाम देने की कोशिश की।
हालांकि, लुधियाना पुलिस ने समय रहते इस साजिश को नाकाम कर दिया। 27 अक्टूबर 2025 को पुलिस ने गैंगस्टरों के दो कथित साथियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से P86 चीनी हैंड ग्रेनेड बरामद होने की बात सामने आई थी।
ISI कनेक्शन की भी जांच
पंजाब पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों से जुड़े मामलों की जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित संबंधों की बात भी सामने आई है। पुलिस का दावा है कि विदेश में मौजूद बंबीहा गैंग के नेटवर्क के जरिए हथियार, नशीले पदार्थ और अन्य आपराधिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
कई महीनों की निगरानी के बाद भारत लाए गए
केंद्रीय एजेंसियों ने तीनों आरोपियों की गतिविधियों और ठिकानों पर कई महीनों तक नजर रखी। खुफिया जानकारी जुटाने के बाद मलेशिया में उनकी गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की गई। भारत पहुंचने के बाद तीनों को पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया और आगे की जांच के लिए पंजाब ले जाया गया।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, 2026 में अब तक एजेंसियों की मदद से 51 कुख्यात अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है। इन तीन आरोपियों का डिपोर्टेशन भी विदेश में छिपे अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई का हिस्सा है।
अब पंजाब पुलिस तीनों से उनके विदेशी नेटवर्क, स्थानीय सहयोगियों, हथियार और ड्रग्स की सप्लाई समेत अन्य आपराधिक मामलों को लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से बंबीहा गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ी और जानकारियां सामने आ सकती हैं।




