‘यह अच्छी खबर है… धन्यवाद सर’, STP टेंडर घोटाले में WhatsApp चैट से सामने आई कथित सांठगांठ

नई दिल्ली: दिल्ली में कथित करोड़ों रुपये के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर घोटाले की जांच में ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच हुई WhatsApp बातचीत अहम सबूत बनकर सामने आई है। इस मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय समेत छह लोगों को आरोपी बनाया है। इन सभी को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।
ACB के मुताबिक, टेंडर की शर्तों और काम के दायरे में कथित तौर पर ऐसे बदलाव किए गए, जिससे यूरोटेक एनवायरनमेंट नाम की कंपनी को फायदा पहुंच सके। बाद में इसी कंपनी को टेंडर मिला।
जांच एजेंसी का दावा है कि ठेकेदार राज कुमार कुर्रा को टेंडर में प्रस्तावित बदलावों की जानकारी आधिकारिक तौर पर जारी होने से पहले ही मिल रही थी। एक WhatsApp बातचीत में कुर्रा ने बदलाव की जानकारी मिलने के बाद “यह अच्छी खबर है” और “बहुत-बहुत धन्यवाद सर” जैसे संदेश भेजे। बताया गया है कि यह बदलाव टेंडर में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक को सीमित करने से जुड़ा था।
एक अन्य बातचीत में कुर्रा ने अपने एक सहयोगी को टेंडर की शर्तों का मसौदा भेजा और उसे इन शर्तों को टेंडर में शामिल कराने के लिए कहा।
ACB ने परियोजना की लागत बढ़ाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। एजेंसी का आरोप है कि रोहिणी STP की क्षमता 25 MGD से बढ़ाकर 30 MGD कर दी गई, जबकि इसके लिए कोई तकनीकी सिफारिश नहीं थी। इसके अलावा रोहिणी और नरेला STP से जुड़े बदलावों और ओखला फेज-5 को परियोजना से बाहर करने के कारण अनुमानित लागत में करीब 123 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने का दावा किया गया है।
जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि उदित प्रकाश राय को कथित तौर पर 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली और टेंडर प्रक्रिया में इस तरह बदलाव किए गए, जिससे दूसरी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा कम हो गई।
मामले में एक आरोपी अभी पुलिस हिरासत में है, जबकि अन्य आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं अदालत में लंबित हैं। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली सुनवाई और आगे की जांच के बाद ही होगी।





