अमेरिकी F-35 फाइटर जेट्स पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई: केंद्र सरकार ने संसद में दी जानकारी

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि अमेरिका से F-35 लड़ाकू विमानों को खरीदने को लेकर अब तक कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लिखित जवाब में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान जारी संयुक्त बयान में अमेरिका की ओर से भारत को F-35 जेट्स और अंडरवॉटर सिस्टम देने की नीति की समीक्षा की बात जरूर हुई थी, लेकिन इस पर कोई औपचारिक वार्ता नहीं हुई।
कांग्रेस सांसद बलवंत बासवंत वानखेडे के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग के अलावा भारत-पाक तनाव कम करने को लेकर भी कई देशों से सामान्य बातचीत हुई थी। हालांकि, सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला भारत और पाकिस्तान ने आपसी बातचीत से ही लिया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की ओर से ही पहले शांति की पहल की गई थी और इसके लिए दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच तय चैनलों के जरिए बातचीत हुई थी।
अमेरिका की भूमिका पर मंत्री ने बताया कि 9 मई को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को सूचित किया गया था कि अगर पाकिस्तान कोई बड़ा हमला करता है तो भारत सख्ती से जवाब देगा। हालांकि, बाद में भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद से स्थिति में शांति आई। यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका से मिल रही सैन्य मदद भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकती है, मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान से जुड़े किसी भी मसले पर भारत केवल द्विपक्षीय बातचीत के जरिए समाधान चाहता है और यह रुख सभी देशों, यहां तक कि प्रधानमंत्री द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति को भी साफ तौर पर बता दिया गया है।
भारत-अमेरिका के बीच बनते “कंप्रीहेंसिव ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” (व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी) को लेकर मंत्री ने कहा कि यह आपसी भरोसे, साझा हितों, सद्भावना और दोनों देशों की जनता के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सभी विदेशी सहयोगों, खासकर रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मामलों को पूरी तरह राष्ट्रीय हित और रणनीतिक स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए ही तय करता है।





