भारत

IPL 2025 का फाइनल समर्पित होगा भारतीय सेना को, BCCI ने दिया खास न्योता

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईपीएल 2025 के फाइनल मुकाबले को खास बनाने की तैयारी कर ली है। BCCI ने भारतीय सेना के तीनों अंगों – थलसेना, वायुसेना और नौसेना – के प्रमुखों और अन्य सैन्य अधिकारियों को फाइनल मैच में आमंत्रित किया है। यह सम्मान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सेना के अद्भुत योगदान को सलाम करने के लिए दिया जा रहा है। IPL 2025 का फाइनल मैच 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।

BCCI के अधिकारी साइकिया ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया, “हमने भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुख अधिकारियों और सैनिकों को फाइनल में आमंत्रित किया है ताकि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाया जा सके। यह हमारे वीर जवानों की बहादुरी, साहस और निस्वार्थ सेवा को सम्मान देने का प्रयास है।” उन्होंने कहा कि इस बार IPL का समापन समारोह सेना को समर्पित होगा। “क्रिकेट देश का जुनून है, लेकिन देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा सबसे ऊपर है,” साइकिया ने कहा।

आमंत्रण के अनुसार, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह आईपीएल फाइनल में शामिल होंगे।

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी। इसके बाद भारत ने नौ आतंकी ठिकानों पर हमला कर करीब 100 आतंकियों को ढेर किया। यह कार्रवाई पाकिस्तान के साथ एक संक्षिप्त सैन्य तनाव में बदल गई थी। हालांकि, 10 मई को पाकिस्तान के सीज़फायर की अपील के बाद भारत ने ऑपरेशन को रोका। इस तनाव के चलते IPL को 9 मई को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया था, लेकिन 17 मई से टूर्नामेंट फिर से शुरू कर दिया गया।

BCCI का यह कदम न केवल खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह एक भावनात्मक संदेश भी देता है – कि खेल से बढ़कर देश होता है। IPL 2025 का फाइनल अब सिर्फ क्रिकेट मुकाबला नहीं, बल्कि देशभक्ति का जश्न भी होगा।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button