साल का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण 7-8 सितंबर को, दिखेगा ‘ब्लड मून’ का नजारा

साल 2025 का सबसे बड़ा और आखिरी चंद्र ग्रहण अब ज्यादा दूर नहीं है। यह खगोलीय घटना 7-8 सितंबर की रात को होगी और भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगी। खास बात यह है कि इस दौरान चांद लाल रंग का नजर आएगा, जिसे ब्लड मून कहा जाता है। भारत में लोग इसे नंगी आंखों से आसानी से देख सकेंगे।
कब और कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?
ग्रहण 7 सितंबर की रात 9:58 बजे (IST) शुरू होगा और 8 सितंबर की सुबह 2:25 बजे तक चलेगा। यानी यह घटना करीब 4 घंटे 27 मिनट तक दिखाई देगी। यह नजारा एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप के कई हिस्सों में साफ दिखेगा। भारत में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, हैदराबाद और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों से इसे देखा जा सकेगा, बशर्ते मौसम साफ हो और बादल या प्रदूषण इसकी दृश्यता में बाधा न डालें।
कैसे बनता है ‘ब्लड मून’?
जब पृथ्वी सीधे सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तो उसकी गहरी छाया, जिसे अम्ब्रा (Umbra) कहते हैं, चांद की सतह पर पड़ती है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाता है। चांद पूरी तरह अंधेरा नहीं होता, बल्कि गहरे लाल और तांबे जैसी आभा में चमकने लगता है। इसी वजह से इसे ब्लड मून कहा जाता है।
हिंदू परंपरा में चंद्र ग्रहण
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन लगता है। इस बार का ग्रहण भाद्रपद पूर्णिमा पर पड़ेगा। पारंपरिक मान्यताओं में ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता और इस दौरान सूतक काल का पालन किया जाता है।
ग्रहण क्यों है खास?
चंद्र ग्रहण को लोग बिना किसी खास उपकरण के नंगी आंखों से देख सकते हैं, जबकि सूर्य ग्रहण के लिए विशेष सुरक्षा की जरूरत होती है। इसके अलावा, चंद्र ग्रहण ज्यादा बड़े क्षेत्र में दिखाई देता है। इस बार का ग्रहण साल 2025 का सबसे बड़ा और आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा।





