आठ साल की कहानी… योगी आदित्यनाथ की जुबानी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के 8 साल पूरा होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश सूचना विभाग की बुकलेट का विमोचन किया. इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने कहा, कि “प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन और उनके विजनरी नेतृत्व में सेवा, सुरक्षा और सुशासन के उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार के 8 साल पूरे हुए हैं… मैं उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं…”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ सालों में साढ़े सात लाख से अधिक नौजवानों को बिना भेदभाव और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी दी है. 222 बदमाशों को पुलिस एनकाउंटर में ढेर किया गया है. 171 रोहिंग्या मुसलमानों को पकड़ा गया है. 130 आतंकी गिरफ्तार हुए. अब तक 20 हजार 221 अपरतधी गिरफ्तार हुए हैं. एनकाउंटर में 20 हजार से ज्यादा इनामी बदमाश भी पकड़े गए. गैंगस्टर एक्ट में 142 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई. आज कानून व्यवस्था में उत्तर प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है.महाकुंभ इसका ज्वलंत उदहारण है, जहां 45 दिनों में न लूटपाट, न छेड़खानी, न चोरी और न ही किसी प्रकार की आपराधिक घटना हुई. प्रदेश वही, तंत्र वही, केवल सरकार बदलने से व्यवस्था बदली.
2017 के पहले एग्रीकल्चर के क्षेत्र में उत्तरप्रदेश उपेक्षित था. उत्तर प्रदेश प्राचीन समय से ही कृषि प्रधान रहा. हमारे पास प्रकृति की प्रचूर मात्रा में अवसर थे. हम इसको आगे बढ़ सकते थे. 2017 के पहले किसान आत्महत्या करता था. कृषि सेक्टर में एक वीरानी छाई हुई थी. आज व्यापक बदलाव हुए. कृषि विकास दर 13.5% से अधिक हुई, इससे प्रदेश के जीडीपी में 28% की बढोत्तरी हुई. इसकी शुरुआत हमारे पहले कैबिनेट ने किया था 36 हजार करोड़ रुपए की कर्जमाफी की गई.
सिंचाई क्षेत्र में व्यापक काम हुआ
पीएम किसान सम्मान योजना सहित हर योजना में धनराशि डीबीटी के माध्यम से जा रही है. सिंचाई क्षेत्र में व्यापक बढोत्तरी हुई. वर्षों से सिंचाई परियाजनाएं लंबित पड़ी थी, हमने इन्हें शुरू किया. आज 8 वर्ष में 23 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा किसानों को मिली. प्रदेश में कृषि विश्वविद्यालयों का उन्नयन, एक कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना, 20 नए कृषि विज्ञान केन्द्र की स्थापना की गई. उत्तर प्रदेश इस सेक्टर में एक अलग स्पीड से आगे बढ़ा.
गन्ना किसानों का 60 हजार करोड़ से ज्यादा का भुगतान
2017 से पहले चीनी उद्योग बंदी के कगार पर था. आंदोलन होता था. गन्ना किसानों का हजारों करोड़ रुपये बकाया था. चीनी मिलें बंद होती जा रही थी. हमने 3 नई चीनी मिलों की स्थापना की, 6 नई चीनी मिलों को पुनः संचालन किया, 38 मिलों का विस्तार किया. वर्तमान में 122 चीनी मिलें क्रियाशील हैं. 2017 से अबतक 2 लाख 80 हजार करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया. पिछली सरकारों के 22 वर्ष के कुल भुगतान से 60 हजार करोड़ से ज्यादा भुगतान हमने 8 वर्ष में किया.




