अमेरिकी वीज़ा खारिज होने पर स्टार्टअप फाउंडर ने उठाए सवाल, ऑनलाइन छिड़ी बहस

भारतीय स्टार्टअप Knot Dating के सीईओ और को-फाउंडर जसवीर सिंह ने अमेरिकी वीज़ा आवेदन प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराज़गी जाहिर की है। उनका कहना है कि उद्यमियों के मामलों में वीज़ा जांच के दौरान एक जैसी कसौटी नहीं अपनाई जा रही है।
जसवीर सिंह ने बताया कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में उनका वीज़ा आवेदन सेक्शन 214(b) के तहत खारिज कर दिया गया। इस धारा का इस्तेमाल आमतौर पर तब किया जाता है, जब अधिकारियों को लगता है कि आवेदक के अपने देश से पर्याप्त संबंध नहीं हैं और वह यात्रा के बाद लौटेगा या नहीं, इस पर संदेह होता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए जसवीर सिंह ने कहा कि वे पिछले 13 वर्षों से उद्यमिता से जुड़े हुए हैं, भारत में उनका सक्रिय कारोबार है और वे एक नियोक्ता व टैक्स देने वाले नागरिक भी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में उनके भारत से संबंधों को “कमजोर” कैसे माना जा सकता है।
अपने पोस्ट में उन्होंने अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर को भी टैग किया और सुझाव दिया कि वीज़ा इंटरव्यू प्रक्रिया में बेहतर प्रशिक्षण और स्पष्ट मानदंड होने चाहिए, ताकि वास्तविक कारोबारी यात्रियों के साथ सही आकलन हो सके। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में बेंगलुरु के उद्यमी धनंजय यादव ने भी वीज़ा खारिज होने का अनुभव साझा किया था, जबकि उन्होंने अमेरिका से पढ़ाई की थी। इन घटनाओं के बाद भारत के स्टार्टअप समुदाय में वीज़ा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जसवीर सिंह ने यह भी कहा कि कई आवेदकों को इंटरव्यू से पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, ताकि किसी तरह के “रेड फ्लैग” से बचा जा सके। इससे वीज़ा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर और सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि अमेरिकी वीज़ा फैसले इमिग्रेशन कानूनों और व्यक्तिगत जांच पर आधारित होते हैं, लेकिन इन मामलों ने भारतीय उद्यमियों के बीच साफ नियमों और बेहतर संवाद की मांग को और मजबूत किया है।





