SpaceX ने रचा इतिहास, चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर ISS के लिए सबसे तेज उड़ान लॉन्च
एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी SpaceX ने अंतरिक्ष अनुसंधान में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अंतरिक्ष एजेंसी ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए ‘क्रू-13’ (Crew-13) मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा गया है। यह उड़ान स्पेसएक्स के इतिहास की अब तक की सबसे तेज उड़ानों में से एक है।
अंतरिक्ष में लीक की समस्या के बाद सफल लॉन्च
यह लॉन्चिंग मूल योजना के मुताबिक होनी थी, लेकिन अंतरिक्ष यान में एक छोटे से लीक (Spacecraft Leak) की वजह से इसमें कुछ देरी हुई थी। हालांकि, तकनीकी टीम ने इस समस्या का समय रहते समाधान कर लिया और आखिरकार रॉकेट ने केप कैनावेरल (Cape Canaveral) से उड़ान भरी। इस सफल लॉन्च के साथ ही अंतरिक्ष प्रेमियों और वैज्ञानिकों ने राहत की सांस ली है।
महज 8 घंटे में तय होगा सफर
इस मिशन की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ्तार है। स्पेसएक्स की यह उड़ान अंतरिक्ष यात्रियों को बेहद कम समय में उनके गंतव्य तक पहुंचाएगी। अंतरिक्ष यात्रियों का यह सफर महज 8 घंटे का होगा। इसका मतलब है कि अंतरिक्ष यात्री सोने के समय से काफी पहले ही सुरक्षित रूप से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंच जाएंगे।
चार देशों के अंतरिक्ष यात्री हुए शामिल
इस चार सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय क्रू (Crew) में दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों के बेहतरीन वैज्ञानिक और अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। इस टीम में नासा (NASA) के अंतरिक्ष यात्री जेसिका वाटकिंस (Jessica Watkins) और लूक डेलेनी (Luke Delaney) शामिल हैं। इसके अलावा, केंशियन स्पेस एजेंसी के जोशुआ कुट्र्यक (Joshua Kutryk) और रोसकॉस्मोस (Roscosmos) के कॉस्मोनॉट सर्गेई टेतेरयातनीकॉव (Sergey Teteryatnikov) भी इस ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा हैं।
जेसिका वाटकिंस ने रचा इतिहास
इस मिशन के दौरान नासा की अंतरिक्ष यात्री जेसिका वाटकिंस ने एक नया इतिहास रच दिया है। वाटकिंस कक्षा (Orbit) के लिए क्रू का नेतृत्व करने वाली पहली अश्वेत महिला बन गई हैं। वह पेशे से एक भूवैज्ञानिक (Geologist) हैं और एक दशक पहले नासा के मार्स रोवर क्यूरियोसिटी (Mars Rover Curiosity) के साथ काम कर चुकी हैं। साल 2022 में लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के बाद, वाटकिंस की यह अंतरिक्ष स्टेशन की दूसरी यात्रा है।
चंद्रमा और मंगल ग्रह की भविष्य की खोजों पर नजर
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचने के बाद यह अंतरराष्ट्रीय क्रू छह महीने तक अंतरिक्ष में रहेगा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देंगे। इन वैज्ञानिक अभियानों का मुख्य उद्देश्य भविष्य में चंद्रमा और मंगल ग्रह पर मानव अन्वेषण (Human Exploration) के रास्तों को आसान बनाना और जरूरी डेटा जुटाना है।






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