दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग खारिज

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने रविवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे. आंग्मो ने कोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें सफदरजंग अस्पताल से तुरंत छुट्टी दिलाने और अपनी पसंद के निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति मांगी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उनकी इच्छा के विरुद्ध उन्हें वहां रखा गया है और यह एक तरह की अवैध हिरासत है।
VMMC and Safdarjung Hospital issues Sonam Wangchuk’s health update.
The health bulletin reads, “Shri Sonam Wangchuk is being given the required medical intervention at VMMC & Safdarjung Hospital. His vital parameters are stable at present; however, his blood parameters remain… pic.twitter.com/kJo7ckpWXq
— Press Trust of India (@PTI_News) July 19, 2026
पत्नी का गंभीर आरोप: ‘यह इलाज नहीं, हिरासत है’
सोनम वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि जे. आंगमो ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल उन्हें छुट्टी देने या किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने से इनकार कर रहा है।
गीतांजलि ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर आरोप लगाया कि अस्पताल ने वांगचुक के पोटेशियम स्तर को लेकर डराने वाली रिपोर्ट दी, जबकि एक स्वतंत्र लैब की रिपोर्ट सामान्य थी। उन्होंने इसे ‘अवैध हिरासत’ करार दिया है। उनका कहना है कि अस्पताल में भारी पुलिस तैनाती के कारण उनकी आवाजाही प्रतिबंधित है। इस मामले को लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है और मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की है।
बता दें कि वांगचुक को शनिवार को जंतर-मंतर स्थित विरोध प्रदर्शन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे।





