आज से सावन मास शुरू, जानें क्या करना शुभ है क्या करना वर्जित

Sawan 2025: इस साल का सावन माह आज यानि 11 जुलाई से शुरु हो गया है. इस साल सावन माह का पहला सोमवार 14 जुलाई को है. इस दिन से सोमवारी व्रत आरंभ हो रहा है. बता दें कि, यह माह भगवान शिव की भक्ति और तपस्या का पर्व माना जाता है. इस बार सावन पूरे 30 दिन चलेगा और चार सोमवार पड़ेंगे.
सावन 2025 की शुरुआत कब से हो रही है?
- आरंभ तिथि: 11 जुलाई 2025, शुक्रवार (आषाढ़ कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से)
- अंतिम तिथि: 9 अगस्त 2025
- अवधि: पूरे 30 दिन का यह मास शिवभक्ति, व्रत और जलाभिषेक के लिए श्रेष्ठ माना गया है.
सावन सोमवार व्रत की प्रमुख तिथियां
| सोमवार | तिथि | विशेषता |
| पहला | 14 जुलाई 2025 | आरंभिक ऊर्जा का दिन |
| दूसरा | 21 जुलाई 2025 | सिद्धि और मनोकामना पूर्ति |
| तीसरा | 28 जुलाई 2025 | विशेष अभिषेक का योग |
| चौथा | 4 अगस्त 2025 | पूर्णता और वरदान प्राप्ति का दिन |
क्यों माना जाता है सावन को शिवभक्ति का सबसे श्रेष्ठ मास?
पौराणिक कारण
जब समुद्र मंथन हुआ था, तब निकले विष (हलाहल) को भगवान शिव ने ग्रहण कर अपने कंठ में समाहित किया. इस कारण वे “नीलकंठ” कहलाए. यह घटना सावन में मानी जाती है, इसलिए शिव को इस महीने ठंडक प्रदान करने हेतु जल, बेलपत्र, भांग आदि चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई.
सावन में क्या शुभ और क्या वर्जित
सावन में हरी वस्तुओं का प्रयोग जैसे हरी चूड़ियां, साड़ी, हरी सब्जियां और बेलपत्र शुभ होते हैं. सात्त्विक आहार लेना, फलाहार करना, और शुद्ध मसालों का उपयोग करना अनुशंसित है. ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, और जलदान करना पुण्यदायक है. कांवड़ियों की सेवा करना भी विशेष पुण्य का कार्य माना गया है.
सावन में मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज का सेवन वर्जित है. क्रोध, झूठ, कटु वाणी से बचना चाहिए. शिवजी को केतकी, तुलसी और टूटा बेलपत्र नहीं चढ़ाना चाहिए. लोहे के बर्तन से अभिषेक वर्जित है. यह माह संयम, शांति और शिवतत्व के समर्पण का प्रतीक है.





